अगर गर्मी में भी रहते है आपके पैर ठंड़े,
हो जाइए सावधान, इस बीमारी का है ये संकेत
1 months ago
Written By: anjali
अक्सर लोग ठंडे पैरों को मौसम का असर या सामान्य थकान मानकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यह समस्या गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकती है। यदि आपके पैर हर समय ठंडे रहते हैं, तो यह हृदय रोग, रक्त संचार की गड़बड़ी या पोषण की कमी का परिणाम हो सकता है। आइए जानते हैं ठंडे पैरों के पीछे के कारण, लक्षण और घरेलू उपचार।
ठंडे पैरों के संभावित कारण
रक्त संचार की समस्या:
जब शरीर में खून का प्रवाह सही तरीके से नहीं होता तो पैरों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे वे ठंडे पड़ जाते हैं।
हार्ट ब्लॉकेज या धमनियों का संकुचन:
यह स्थिति तब आती है जब हृदय तक जाने वाली रक्त नलिकाएं संकरी हो जाती हैं। ऐसे में ब्लड फ्लो बाधित होता है और इसका असर पैरों पर भी दिखाई देता है।
एनीमिया या विटामिन बी12 की कमी:
लाल रक्त कोशिकाओं की कमी से भी ठंडे पैर हो सकते हैं क्योंकि शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई घट जाती है।
हाई ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल:
डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल नसों और धमनियों को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे पैरों की गर्मी खत्म होने लगती है।
हैवी मेडिकेशन का असर:
लंबे समय तक कुछ दवाएं लेने से ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है और पैरों में ठंडक महसूस होती है।
लक्षण जो इशारा करते हैं गंभीर समस्या की ओर
पैरों का हमेशा ठंडा रहना, भले ही मौसम गर्म हो
चलने में परेशानी या जल्दी थकावट
पैरों में सुन्नपन या झुनझुनाहट
तलवों में दर्द या भारीपन
त्वचा का रंग फीका या नीला पड़ना
इन लक्षणों को हल्के में न लें। समय रहते नसों की जांच करवाना जरूरी है।
घरेलू उपाय जो दे सकते हैं राहत
गर्म कपड़े और फुटवियर:
ठंडे मौसम में मोज़े, गर्म जूते पहनें। शरीर की गर्मी बनाए रखने से ब्लड फ्लो ठीक रहता है।
हॉट एंड कोल्ड हाइड्रोथेरेपी:
पैरों को पहले ठंडे फिर गर्म पानी में डुबोकर रखें। इससे नसों में खिंचाव कम होगा और रक्त संचार सुधरेगा।
विटामिन और आयरन युक्त आहार:
पालक, चुकंदर, ब्रोकली, दूध और डेयरी उत्पादों का सेवन करें। ये रेड ब्लड सेल्स को बढ़ाते हैं।
एक्सरसाइज:
पैरों की स्ट्रेचिंग और वॉकिंग से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
गर्म तेल से मालिश:
सरसों, शीशम या जैतून के तेल से पैरों की मालिश करें। इससे नसों में गर्मी आती है और दर्द में आराम मिलता है।
हीटिंग पैड्स का प्रयोग:
इलेक्ट्रिक हीटिंग पैड्स से पैरों को गर्म करने से नसों में ब्लड फ्लो सुचारु होता है।
नमक वाले पानी से स्नान:
एक टब में गुनगुने पानी में नमक मिलाकर पैरों को डुबोएं। इससे शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और नसें सक्रिय होती हैं।
अदरक का सेवन:
अदरक में सूजनरोधी गुण होते हैं। अदरक की चाय या टुकड़ों का सेवन करने से शरीर को गर्मी मिलती है।
क्या करें और क्या न करें
क्या करें:
नियमित रूप से चेकअप कराएं
संतुलित आहार लें
व्यायाम और योग करें
तनाव से बचें
क्या न करें:
धूम्रपान न करें
अत्यधिक कैफीन या शराब से परहेज करें
लंबे समय तक बैठे या खड़े न रहें