कहीं आपके पैरों में भी तो नहीं दिख रहे ये संकेत,
हार्ट अटैक के बढ़ सकते है चांस
23 days ago
Written By: anjali
आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी और असंतुलित जीवनशैली ने हमारी सेहत पर गहरा असर डाला है। खासकर खानपान की गलत आदतें और शारीरिक गतिविधियों की कमी ने मोटापा, डायबिटीज़, और दिल से जुड़ी बीमारियों को तेजी से बढ़ाया है। इनमें सबसे गंभीर और जानलेवा स्थिति होती है — हार्ट अटैक।
अक्सर लोग हार्ट अटैक के लक्षणों को केवल सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ तक ही सीमित समझते हैं, लेकिन सच तो यह है कि दिल से जुड़ी समस्याओं के संकेत शरीर के अन्य हिस्सों में भी दिखाई दे सकते हैं — खासकर पैरों में। इस लेख में हम उन लक्षणों पर बात कर रहे हैं जो आपके पैरों में दिखाई दे सकते हैं और हार्ट अटैक के खतरे का संकेत दे सकते हैं।
पैरों में सूजन
अगर आपके पैरों, खासकर टखनों और पंजों में बिना किसी चोट के सूजन आ रही है, तो यह सामान्य नहीं है। यह संकेत दिल की कमजोरी या हार्ट अटैक की चेतावनी हो सकती है। कमजोर हृदय पंपिंग में अक्षम हो जाता है, जिससे शरीर में फ्लूइड रुक जाता है और पैरों में सूजन आ सकती है।
बेवजह दर्द
वर्कआउट या ज्यादा चलने से पैरों में दर्द होना स्वाभाविक है, लेकिन अगर बिना किसी स्पष्ट वजह के पैरों में लगातार दर्द बना रहता है, तो यह गंभीर संकेत हो सकता है। यह दर्द रक्त संचार में रुकावट के कारण हो सकता है, जो दिल की खराब स्थिति को दर्शाता है।
रंग बदलना — पीला या नीला पड़ना
अगर आपके पैरों की त्वचा का रंग बदलकर पीला या नीला हो गया है, तो इसे हल्के में न लें। यह संकेत दे सकता है कि आपके शरीर में रक्त संचार सही ढंग से नहीं हो रहा, जो दिल की समस्याओं से जुड़ा हो सकता है।
झनझनाहट या सुन्नपन
पैरों में अक्सर झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होना भी एक गंभीर लक्षण हो सकता है। यह दर्शाता है कि नसों तक ऑक्सीजन युक्त रक्त पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच रहा, जो हृदय संबंधी परेशानी का संकेत हो सकता है।
पैरों में कमजोरी या लड़खड़ाना
अगर चलते समय पैर लड़खड़ाएं या उनमें कमजोरी महसूस हो तो यह भी दिल की बीमारी का संकेत हो सकता है। यह लक्षण हृदय से जुड़ी किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है और इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
बदलते दौर में दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, और इनके संकेत केवल छाती तक सीमित नहीं हैं। पैरों में दिखने वाले लक्षणों को गंभीरता से लेना और समय रहते जांच करवाना आपकी जान बचा सकता है। अगर आपके पैरों में ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण नजर आते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।