उत्तरांखड़ जैसे पहाड़ी जगहों पर जाना का करें रहे प्लान,
तो जाने से पहले जान लें ये बात
25 days ago
Written By: anjali
उमस भरे मौसम में जब गर्मी और चिपचिपाहट से राहत चाहिए होती है, तो अधिकतर लोग हिल स्टेशन की ओर रुख करते हैं। खासकर हिमाचल और उत्तराखंड जैसे ठंडे और खूबसूरत राज्यों की ओर। लेकिन मानसून के मौसम में पहाड़ी इलाकों की यात्रा आसान नहीं होती—इसमें जोखिम भी शामिल होता है। खासकर जब बात उत्तराखंड की हो, जहां बारिश के चलते आपदा जैसी स्थितियां बन रही हैं। अगर आप इस मौसम में उत्तराखंड जाने का सोच रहे हैं, तो कुछ जरूरी सावधानियों को नजरअंदाज न करें। यह आर्टिकल आपकी यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने में मदद करेगा।
1. मौसम की जानकारी और रास्तों की स्थिति की करें जांच
उत्तराखंड में इस समय लगातार भारी बारिश हो रही है। कई इलाकों में बादल फटने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं, जैसे उत्तरकाशी के धराली में, जहां पूरा मार्केट मलबे में तब्दील हो गया। रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और अल्मोड़ा जैसे रास्तों पर भूस्खलन के चलते 100 से ज्यादा सड़कें बंद हो चुकी हैं। ऐसे में यात्रा शुरू करने से पहले Google Maps और लोकल न्यूज से रास्तों की अपडेट जरूर लें।
2. सही कपड़े और सुरक्षा उपकरण रखें साथ
पर्वतीय इलाकों में मौसम कब बदल जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। इसलिए कपड़े पैक करते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपके पास रेनकोट, वाटरप्रूफ जैकेट और गर्म कपड़े जरूर हों। इसके अलावा ट्रैकिंग शूज़ और रेन प्रोटेक्टेड बैग भी काम आएंगे।
3. होटल की बुकिंग पहले से कर लें
कई लोग ट्रैवल डेस्टिनेशन पर पहुंचकर होटल ढूंढते हैं, लेकिन मानसून में यह रिस्क न लें। पहले से होटल या रिज़ॉर्ट की बुकिंग कर लें, और कोशिश करें कि स्टे ऐसी जगह हो जहां लैंडस्लाइड या बाढ़ का खतरा कम हो।
4. स्थानीय प्रशासन और हेल्पलाइन नंबर रखें साथ
यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइन जरूर फॉलो करें। उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर को अपने मोबाइल में सेव कर लें और रास्ते में स्थानीय लोगों से अपडेट लेते रहें। इससे आप सही रास्तों और संभावित खतरों की जानकारी समय पर पा सकेंगे।
5. फर्स्ट एड बॉक्स साथ ले जाना न भूलें
मानसून के दौरान चोट लगना, फिसलन से गिरना या बीमार पड़ना आम बात हो सकती है। खासकर पहाड़ी इलाकों में अस्पताल दूर-दूर होते हैं, इसलिए एक फुल फर्स्ट एड किट जरूर अपने बैग में रखें। उसमें मलहम, पट्टी, एंटीसेप्टिक, पेनकिलर, मोशन सिकनेस की दवा आदि होनी चाहिए।
उत्तराखंड की वादियां जितनी खूबसूरत हैं, मानसून में उतनी ही संवेदनशील भी। अगर आप इस मौसम में वहां घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो सिर्फ उत्साह ही नहीं, सजगता और सतर्कता भी साथ ले जाएं। आपकी थोड़ी सी तैयारी आपके सफर को सुरक्षित, आरामदायक और यादगार बना सकती है।