गणेश चतुर्थी पर न करें ये काम,
बिगड़े जायेंगे बनते काम
17 days ago
Written By: anjali
गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है, लेकिन महाराष्ट्र में इसकी भव्यता देखने लायक होती है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी बुधवार, 27 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन भक्त अपने घरों में गणपति बप्पा की स्थापना कर 10 दिनों तक पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं। माना जाता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। हालांकि, वास्तु शास्त्र के अनुसार, स्थापना से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि पूजा का फल पूर्ण रूप से प्राप्त हो सके।
खंडित या पुरानी मूर्ति न रखें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में टूटी-फूटी, खंडित या बहुत पुरानी मूर्ति रखना अशुभ माना जाता है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। यदि आपके पास ऐसी मूर्ति है, तो उसे श्रद्धापूर्वक बहते पानी में प्रवाहित कर दें, जिससे दोष समाप्त हो जाए।
बेकार सामान घर से बाहर करें
गणपति स्थापना से पहले घर में पड़े बेकार और अनुपयोगी सामान को बाहर निकाल दें। वास्तु के मुताबिक, यह वस्तुएं नकारात्मकता को आकर्षित करती हैं और घर के वातावरण में भारीपन ला सकती हैं।
खराब घड़ी न रखें
घर में बंद या खराब घड़ी रखना भी वास्तु दोष का कारण माना जाता है। इससे जीवन में रुकावटें और दुर्भाग्य आ सकता है। ऐसे में खराब घड़ी को या तो ठीक करवा लें या फिर घर से हटा दें।
पूजा-स्थल की सफाई पर विशेष ध्यान
बप्पा की स्थापना से पहले पूजा-स्थल पूरी तरह साफ और पवित्र होना चाहिए। पूजा स्थल के पास गंदगी, जूते-चप्पल या अनुपयोगी वस्तुएं नहीं होनी चाहिए। इस्तेमाल किए गए फूल या माला को कई दिनों तक मंदिर में रखना भी अशुभ माना गया है। नियमित सफाई और पवित्रता से बप्पा की कृपा बनी रहती है।
यदि आप इस गणेश चतुर्थी बप्पा को अपने घर आमंत्रित कर रहे हैं, तो वास्तु शास्त्र के इन सरल नियमों का पालन करके अपने जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। बप्पा के स्वागत में स्वच्छता, श्रद्धा और शुद्धता सबसे बड़ा मंत्र है।