नागपंचमी पर क्यों नहीं बनानी चाहिए तवा रोटी !
एक क्लिक में जानें ये ख़ास जानकारी
1 months ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
भारत विविध परंपराओं और आस्थाओं का देश है, जहाँ हर पर्व अपने विशिष्ट रीति-रिवाज़ों और मान्यताओं के साथ मनाया जाता है। ऐसा ही एक पर्व है नाग पंचमी, जो सावन माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में यह पर्व 29 जुलाई को मनाया जा रहा है। इस दिन नाग देवताओं की पूजा की जाती है और उन्हें दूध अर्पित कर आशीर्वाद मांगा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस पावन अवसर पर एक विशेष परंपरा के तहत तवा (iron griddle) पर रोटी बनाना वर्जित माना जाता है ? चलिए, जानते हैं इस अनोखी मान्यता के पीछे की धार्मिक और ज्योतिषीय वजहें...
धार्मिक मान्यता
हिंदू धर्म में तवा, जिस पर रोटियाँ पकाई जाती हैं, उसे सांप के फन (hood) का प्रतीक माना गया है। चूंकि नाग देवता को हिंदू परंपरा में अत्यंत पवित्र और पूज्यनीय माना गया है, इसलिए नाग पंचमी के दिन तवे का उपयोग करना नाग देवता का अपमान समझा जाता है। इस दिन लौह (iron) से बनी चीज़ों के उपयोग से भी परहेज़ किया जाता है, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लोहे में नकारात्मक ऊर्जा होती है, जो पूजा-पाठ और अध्यात्मिक ऊर्जा में बाधा उत्पन्न कर सकती है। यही कारण है कि रोटी बनाने जैसे सामान्य कार्य भी इस दिन विशिष्ट नियमों के अधीन होते हैं।
ज्योतिषीय दृष्टिकोण
वैदिक ज्योतिष में तवे को राहु ग्रह से जोड़ा गया है। राहु को भ्रम, आकस्मिक बदलाव और नकारात्मक प्रभावों का कारक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन यदि कोई व्यक्ति लोहे के तवे का प्रयोग करता है, तो राहु का प्रभाव और भी अधिक प्रबल हो सकता है, जिससे जीवन में अस्थिरता, कठिनाइयाँ और बाधाएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए, इस दिन तवे और अन्य लोहे की वस्तुओं के प्रयोग से बचने की सलाह दी जाती है ताकि राहु के प्रभाव को कम किया जा सके और नाग देवताओं की पूजा का शुद्ध व सकारात्मक फल प्राप्त हो।