1 से 31 अगस्त तक जानें कब पड़ रहा कौन सा त्योहार,
कितने दिन रहेंगी छुट्टियां
1 months ago
Written By: anjali
अगस्त का महीना भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व रखता है। इस दौरान न केवल हरियाली से भरपूर मौसम मन को शांति देता है, बल्कि सावन और भाद्रपद मास में पड़ने वाले विविध पर्व और व्रत भारतीय आस्था को और भी सशक्त करते हैं। इस वर्ष अगस्त 2025 में कई पावन तिथियां और शुभ व्रत-त्योहार आने वाले हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं।
माह की शुरुआत – दुर्गाष्टमी और सावन सोमवार
1 अगस्त को मासिक दुर्गाष्टमी के साथ माह की शुरुआत होगी, जो देवी दुर्गा के शक्ति स्वरूप की उपासना का दिन होता है। 4 अगस्त को सावन का चौथा सोमवार और पुत्रदा एकादशी एक साथ पड़ रही है। यह दिन संतान प्राप्ति की कामना और उनकी दीर्घायु के लिए व्रत रखने वालों के लिए विशेष फलदायी माना गया है।
रक्षा का पर्व और भाई-बहन का स्नेह
9 अगस्त को रक्षाबंधन, गायत्री जयंती, नारली पूर्णिमा और सावन पूर्णिमा एक साथ मनाई जाएंगी। यह दिन भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करता है, वहीं नारली पूर्णिमा पर समुद्र देवता वरुण की पूजा कर जल सुरक्षा की कामना की जाती है।
भाद्रपद का आगमन और कृष्ण भक्ति
10 अगस्त से भाद्रपद मास शुरू होगा। इस मास में जप, तप और दान का विशेष महत्व बताया गया है। 16 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। रात 12 बजे श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाता है। इसी दिन दही हांडी और कालाष्टमी भी मनाई जाएगी, जो भक्तों के लिए आनंद और भक्ति से भरी रात होगी।
विवाहित महिलाओं के लिए विशेष पर्व
8 अगस्त को वरलक्ष्मी व्रत, 12 अगस्त को कजरी तीज, 26 अगस्त को हरतालिका तीज और 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी का विशेष योग बन रहा है। इन सभी व्रतों में महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुख-शांति और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं।
विशेष धार्मिक पर्व और संक्रांति
17 अगस्त को सिंह संक्रांति और मलयालम नववर्ष का शुभारंभ होगा, जो सूर्य के सिंह राशि में प्रवेश का संकेत देता है। इसका प्रभाव राशियों पर भी देखने को मिलेगा।
धर्म, श्रद्धा और संस्कृति का समागम
अगस्त के अंत में 31 अगस्त को राधा अष्टमी और महालक्ष्मी व्रत का प्रारंभ होगा। यह दिन श्रीराधा के प्रेम, भक्ति और त्याग का प्रतीक है, जो श्रीकृष्ण भक्ति को एक नई ऊंचाई देता है।