हरियाली तीज पर भूलकर भी न करें ये गलतियां,
जानें व्रत नियम
19 days ago
Written By: anjali
कजरी तीज का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पर्व विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए शुभ होता है, क्योंकि इस दिन वे अपने पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-शांति के लिए व्रत रखती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल कजरी तीज का व्रत 12 अगस्त 2025 को रखा जाएगा। इसे बड़ी तीज और सत्तू तीज के नाम से भी जाना जाता है।
कजरी तीज का महत्व
कजरी तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए खास आस्था और श्रद्धा का पर्व है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से दांपत्य जीवन में प्रेम, सौहार्द और समृद्धि बनी रहती है।
व्रत में भूलकर भी न करें ये गलतियां
कजरी तीज के व्रत के दौरान कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है, ताकि व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो सके—
पानी का सेवन न करें – यह व्रत निर्जला होता है, पानी पीने से व्रत खंडित हो जाता है।
तामसिक भोजन से परहेज – व्रत के दिन मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज का सेवन न करें। व्रत खोलने के बाद भी सात्विक भोजन ही लें।
झगड़ा और अपशब्दों से बचें – मन में शांति और पवित्रता बनाए रखें।
मैले या पुराने कपड़े न पहनें – इस दिन साफ-सुथरे या नए वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
दिन में न सोएं – ऐसा करने से व्रत का फल कम हो जाता है।
कजरी तीज व्रत के नियम
व्रत शुरू करने से पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
व्रत का संकल्प लें और भगवान शिव-माता पार्वती का ध्यान करें।
सूर्योदय से पहले सरगी का सेवन करें, जिसमें फल, सूखे मेवे और दूध शामिल हों।
सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व है—महिलाएं नए कपड़े और गहने पहनकर पूजा करें।
रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर और दर्शन के बाद ही व्रत खोलें।
कजरी तीज 2025 का व्रत न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह वैवाहिक जीवन में प्रेम और सौभाग्य बनाए रखने का एक पवित्र माध्यम भी है। नियमों और सावधानियों का पालन करके इस व्रत को करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।