जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण को करना है खुश,
तो कर लें ये उपाय
18 days ago
Written By: anjali
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी का पर्व हर साल श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यह दिन भगवान कृष्ण के जन्म की स्मृति में मनाया जाता है और इस साल यह पावन पर्व 15 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन किए गए पूजा-पाठ और विशेष उपाय जीवन में सौभाग्य, समृद्धि और खुशहाली लाते हैं। भक्तजन उपवास रखते हैं और रात 12 बजे भगवान के जन्म के बाद व्रत का समापन करते हैं। खासतौर पर जन्माष्टमी की रात किए गए कुछ उपाय जीवन की कठिनाइयों को दूर करने वाले माने जाते हैं।
आइए जानते हैं जन्माष्टमी 2025 की रात करने योग्य ये प्रमुख उपाय—
1. तुलसी की माला अर्पित करें
रात में भगवान कृष्ण का शृंगार कर उन्हें तुलसी की माला पहनाएं। इसके बाद तुलसी के पौधे के सामने बैठकर "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें। मान्यता है कि इससे कारोबार में वृद्धि और आर्थिक स्थिरता मिलती है।
2. माखन-मिश्री का भोग लगाएं
रात 12 बजे भगवान के जन्म के तुरंत बाद उन्हें माखन-मिश्री का भोग अर्पित करें। यह उपाय रिश्तों में मधुरता लाता है और जीवन में शुभता का आगमन करता है।
3. घर में मोर पंख रखें
भगवान कृष्ण को मोर पंख अत्यंत प्रिय है। जन्माष्टमी की रात मोर पंख को घर के मुख्य स्थान पर रखें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और तरक्की के रास्ते खुलते हैं।
4. शंख बजाने का महत्व
रात में पूजा के समय शंख बजाएं। शंख की ध्वनि से आसपास की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। पूजा के बाद इस शंख को दुकान या कार्यालय में रखें, जिससे व्यापार में वृद्धि होती है।
5. गीता का पाठ करें
भगवान कृष्ण के समक्ष बैठकर भगवद्गीता के 11वें अध्याय का पाठ करें, जिसमें उनके विराट स्वरूप का वर्णन है। यह उपाय सफलता और मान-सम्मान बढ़ाने में सहायक होता है।
6. गाय को हरा चारा खिलाएं
व्रत खोलने के बाद किसी गाय को हरा चारा खिलाएं। यह कार्य भगवान कृष्ण को अत्यंत प्रिय है और इससे जीवन में यश, मान-सम्मान तथा सौभाग्य बढ़ता है।
7. पीपल के पेड़ की पूजा करें
रात में पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाएं। मान्यता है कि पीपल में सभी देवी-देवताओं का वास होता है और इस उपाय से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
8. गरीबों को दान दें
रात में जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करें। यह पुण्य का कार्य जीवन में खुशहाली लाता है और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।
जन्माष्टमी की पावन रात सिर्फ भक्ति का अवसर ही नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी समय है। इन सरल और प्रभावी उपायों को श्रद्धा और निष्ठा से करने पर भगवान कृष्ण की कृपा से जीवन की मुश्किलें दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है।