घर में रोजाना हो रहे है क्लेश,
तो सुख, शांति के लिए करें ये उपाय
1 months ago
Written By: anjali
वास्तु शास्त्र और हिंदू धर्म में कुछ ऐसे पवित्र चिह्न बताए गए हैं जो घर के वातावरण को न सिर्फ शुद्ध करते हैं बल्कि वहां आध्यात्मिक और मानसिक शांति का संचार भी करते हैं। आइए जानते हैं ऐसे तीन प्रमुख प्रतीक चिह्नों के बारे में जो आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
1. स्वस्तिक का चिह्न – शुभता और सफलता का प्रतीक
स्वस्तिक को हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और मंगलकारी प्रतीक माना जाता है। यह चिह्न सफलता, समृद्धि और अच्छे आरंभ का प्रतिनिधित्व करता है। पहले के समय में किसी भी पूजा या शुभ कार्य से पहले घर के दरवाजों पर स्वस्तिक बनाया जाता था। आज भी यह परंपरा जारी है।
वास्तु के अनुसार:
घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक का चिह्न लगाने से वास्तु दोष समाप्त होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह नकारात्मक शक्तियों को प्रवेश करने से रोकता है और सौभाग्य को आमंत्रित करता है।
2. ॐ का चिह्न – ब्रह्मांडीय ऊर्जा का स्रोत
ॐ (ओम) को सृष्टि की मूल ध्वनि और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक माना गया है। यह तीन ध्वनियों – अ, ओ, म – से मिलकर बना है, जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश के रूप में सृजन, पालन और संहार का प्रतिनिधित्व करता है।
वास्तु के अनुसार:
घर में ॐ का चित्र, शोपीस या लकड़ी/धातु से बना चिह्न लगाने से वहां आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। विशेषकर पूजा कक्ष, ध्यान स्थल या घर के मुख्य हॉल में इसका स्थान होना मानसिक शांति और ध्यान में सहायक होता है।
3. त्रिशूल का चिह्न – नकारात्मकता का नाशक
त्रिशूल शिवजी का प्रधान शस्त्र है और इसे दैहिक, दैविक और भौतिक कष्टों के नाशक के रूप में जाना जाता है। इसके तीन शूल जीवन के तीन मुख्य प्रकार के कष्टों को दूर करने का प्रतीक हैं।
वास्तु के अनुसार:
त्रिशूल को घर के मुख्य द्वार या मंदिर में स्थापित करना शुभ माना जाता है। यह घर को बुरी नजर, टोटके और नेगेटिव एनर्जी से सुरक्षित रखता है। साथ ही मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास में वृद्धि करता है।