सावन के चौथे सोमवार को कर लें ये उपाय,
मिलेगा पूरे सावन का फल
1 months ago
Written By: anjali
सावन का पवित्र महीना भक्तों के लिए भगवान शिव की अनुकंपा प्राप्त करने का सबसे शुभ समय होता है। यह महीना 11 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक रहेगा, जिसमें चार सोमवार पड़ रहे हैं। अब तक तीन सोमवार बीत चुके हैं, और 4 अगस्त को सावन का चौथा और अंतिम सोमवार आने वाला है। यह दिन भक्तों के लिए अंतिम मौका है, जब वे भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
क्यों है सावन का चौथा सोमवार विशेष?
इस बार 4 अगस्त को पड़ने वाला सोमवार न केवल सावन का अंतिम सोमवार है, बल्कि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है, जो किसी भी पूजा-अनुष्ठान को अत्यंत फलदायी बनाता है। साथ ही, यह दिन श्रावण शुक्ल एकादशी के साथ युक्त है, जिससे इसकी पवित्रता और बढ़ जाती है।
इस दिन कैसे करें भगवान शिव की पूजा?
व्रत रखें: सावन के इस अंतिम सोमवार पर व्रत रखकर भगवान शिव को प्रसन्न किया जा सकता है। व्रत के साथ-साथ पूरे दिन सात्विक भोजन ग्रहण करें और मन को शुद्ध रखें।
जलाभिषेक अवश्य करें: शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बना पंचामृत चढ़ाएं। इससे भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
बेलपत्र और धतूरे का महत्व: इस दिन शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरे का फल, सफेद आक के फूल और दूध अर्पित करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप: इस दिन "ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्" मंत्र का 108 बार जाप करने से आयु, स्वास्थ्य और समृद्धि में वृद्धि होती है।
रुद्राभिषेक या शिव पुराण का पाठ: यदि संभव हो, तो इस दिन रुद्राभिषेक करवाएं या शिव पुराण का पाठ करें। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।
क्या है इस दिन का फल?
शास्त्रों के अनुसार, सावन के चौथे सोमवार पर सच्चे मन से की गई पूजा-अर्चना से भक्तों के सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। इस दिन भगवान शिव की कृपा से धन, स्वास्थ्य, सुख और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
नोट करें तिथि और समय
तिथि: 4 अगस्त 2025 (रविवार की रात 12:00 बजे से सोमवार तक)
शुभ मुहूर्त: प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त (4:00 से 6:00 बजे) में पूजा करना सर्वोत्तम माना जाता है।
सावन का यह अंतिम सोमवार भक्तों के लिए स्वर्णिम अवसर है। इस दिन पूरी श्रद्धा से भगवान शिव की आराधना करें और उनकी असीम कृपा का आशीर्वाद प्राप्त करें। हर हर महादेव!