अनिरुद्धाचार्य को केवल बेवकूफ नामर्द फॉलो कर रहे हैं…..
लड़कियों के मुंह मारने के बयान पर फूटा दिशा पटानी की बहन का गुस्सा
1 months ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
आध्यात्मिक गुरु और कथावाचक अनिरुद्धाचार्य को लिव-इन रिलेशनशिप पर दिए गए बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। अब इस विवाद में बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पटानी की बहन और पूर्व आर्मी अफसर खुशबू पटानी भी खुलकर सामने आई हैं। उन्होंने महाराज की टिप्पणी पर तीखा प्रतिकार करते हुए उन्हें आड़े हाथों लिया है।
क्या कहा था अनिरुद्धाचार्य ने ?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में अनिरुद्धाचार्य लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिलाओं को लेकर विवादास्पद टिप्पणी करते हुए नज़र आते हैं। वीडियो में वे कहते हैं, “लड़के लाते हैं 25 साल की लड़कियों को, जो 4-5 जगह मुंह मार के आती हैं।” इस बयान ने तुरंत ही बवाल खड़ा कर दिया और लोगों ने इसे महिला-विरोधी और बेहद अपमानजनक करार दिया।
खुशबू पटानी ने सुनाई खरी-खोटी
पूर्व आर्मी अफसर और दिशा पटानी की बहन खुशबू पटानी ने इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा,“अगर ये मेरे सामने होता, तो मैं इसको समझ देती कि मुंह मारना क्या होता है। ये राष्ट्र-विरोधी हैं। आपको ऐसे अव्वल दर्जे के बदमाशों का समर्थन नहीं करना चाहिए। इस समाज के सभी बेवकूफ नामर्द इसे फॉलो कर रहे हैं।”
खुशबू ने यह सवाल भी उठाया कि अनिरुद्धाचार्य ने अपनी टिप्पणी में सिर्फ महिलाओं को ही क्यों निशाना बनाया ? उन्होंने पूछा कि उन पुरुषों पर कोई टिप्पणी क्यों नहीं की गई जो लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं ? उन्होंने इसे पुरुष प्रधान मानसिकता और लैंगिक भेदभाव का उदाहरण बताया।
क्या पुरुष दूध के धुले हैं ?
खुशबू ने दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप एक पारस्परिक सहमति से बनने वाला संबंध है, जिसमें दोनों पक्ष समान रूप से भागीदार होते हैं। ऐसे में केवल महिलाओं को निशाना बनाना न केवल गलत है, बल्कि यह महिलाओं के खिलाफ समाज में फैली संकीर्ण सोच को भी उजागर करता है।
खुशबू पटानी कौन हैं ?
बरेली, उत्तर प्रदेश की रहने वाली खुशबू पटानी 11 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा दे चुकी हैं। वे मेजर के पद से 2024 में रिटायर हुईं और अब फिटनेस ट्रेनर, न्यूट्रिशनिस्ट, मेडिटेशन इंस्ट्रक्टर और स्प्रिचुअल हीलर के रूप में सक्रिय हैं। सोशल मीडिया पर उनकी फैन फॉलोइंग भी काफ़ी अच्छी है और वे खासकर युवाओं में अपनी स्पष्टवादी छवि और स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों के लिए जानी जाती हैं।
विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा
अनिरुद्धाचार्य की विवादित टिप्पणी और उस पर खुशबू पटानी की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद यह मामला अब और गर्माता जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर लगातार बहस चल रही है, और कई लोग आध्यात्मिक मंचों पर बैठे लोगों की ज़िम्मेदारी और उनके शब्दों की मर्यादा पर सवाल उठा रहे हैं।