ट्रंप के टैरिफ बम के बीच भारत-चीन की दोस्ती का नया अध्याय…
डोभाल-वांग की बैठक से निकलेगा फॉर्म्युला…
22 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर के माहौल में भारत ने डटकर अपनी रणनीति बनाई है। इस बीच भारत और चीन अपने रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। इसी कड़ी में अगस्त के आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले 18 अगस्त को चीन के विदेश मंत्री वांग यी और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल मुलाकात करेंगे, जहां सीमा मामलों (LAC) और अन्य अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
बेहद अहम मानी जा रही है बैठक
SCO शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी से पहले होने वाली यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। भारत और अमेरिका के रिश्तों में पिछले कुछ समय से टैरिफ विवाद के कारण तल्खी आई है। ट्रंप प्रशासन के फैसलों से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है। ऐसे में, वांग यी की यह यात्रा कूटनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण बन जाती है।
चीन ने बताया फलदायी परिणामों की दिशा में बड़ा कदम
चीन ने प्रधानमंत्री मोदी की संभावित यात्रा का स्वागत करते हुए इसे एकता, दोस्ती और फलदायी परिणामों की दिशा में बड़ा कदम बताया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि चीन, प्रधानमंत्री मोदी का SCO तियानजिन शिखर सम्मेलन में स्वागत करने के लिए उत्सुक है।
भारत के पास बेहतरीन मौका
भारत के पास इस समय एक बेहतरीन मौका है। भारत-चीन की बातचीत से सीमा विवाद सुलझाने और व्यापार बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। साथ ही, दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी एक-दूसरे के सहयोगी बन सकते हैं। अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर का असर पूरी दुनिया पर दिख रहा है। इस स्थिति का लाभ उठाकर भारत अपनी अर्थव्यवस्था को और मजबूती दे सकता है। प्रधानमंत्री मोदी की चीन यात्रा से न केवल दोनों देशों के रिश्ते गहरे होंगे, बल्कि एशिया में शांति और स्थिरता की नई उम्मीद भी जग सकती है।