ICICI के बाद अब HDFC ने भी दिया ग्रहकों को बड़ा झटका…
दोगुनी से अधिक हुई मिनिमम बैलेंस की रकम...
18 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
ICICI बैंक के बाद अब देश के प्रमुख निजी बैंक HDFC ने भी अपने सेविंग अकाउंट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। बैंक ने मेट्रो, शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सेविंग अकाउंट के लिए न्यूनतम बैलेंस की सीमा बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी है। पहले यह सीमा शहरी इलाकों के लिए 10,000 रुपये और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए 5,000 रुपये थी। नया नियम 1 अगस्त 2025 के बाद नया खाता खोलने वाले ग्राहकों पर लागू होगा, जबकि पुराने खाताधारकों को फिलहाल राहत दी गई है।
शहरी ग्राहकों के लिए बड़ा बदलाव
मेट्रो और अन्य शहरी क्षेत्रों में अब सेविंग अकाउंट रखने वाले ग्राहकों को अपने खाते में हर समय कम से कम 25,000 रुपये का बैलेंस बनाए रखना होगा। अगर बैलेंस इस तय सीमा से कम हो जाता है, तो बैंक की ओर से हर महीने पेनल्टी चार्ज वसूला जाएगा। बैंक का कहना है कि यह फैसला बढ़ती ऑपरेशनल लागत और बैंकिंग सेवाओं के खर्च को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
अर्ध-शहरी और ग्रामीण शाखाओं पर असर
अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पहले 5,000 रुपये का न्यूनतम बैलेंस अनिवार्य था, जिसे अब 25,000 रुपये कर दिया गया है। वहीं, ग्रामीण शाखाओं के लिए यह सीमा 5,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये की गई है। यह बदलाव भी केवल नए खाताधारकों पर लागू होगा।
किन ग्राहकों को नहीं होगा असर
सैलरी अकाउंट और बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBDA) वाले ग्राहकों को इस बदलाव से छूट दी गई है। इन खातों में जीरो बैलेंस की सुविधा है, यानी इनमें न्यूनतम बैलेंस रखने की कोई अनिवार्यता नहीं है।
ICICI बैंक पहले ही कर चुका है नियम सख्त
HDFC से पहले ICICI बैंक ने भी 1 अगस्त 2025 से नए खाताधारकों के लिए न्यूनतम बैलेंस की सीमा 50,000 रुपये कर दी थी। यह कदम भी बढ़ती बैंकिंग लागत के चलते उठाया गया था। दोनों बैंकों के हालिया फैसलों से यह स्पष्ट है कि जहां सरकारी बैंक ग्राहकों को सुविधा देने की दिशा में काम कर रहे हैं, वहीं निजी बैंक न्यूनतम बैलेंस के नियम सख्त कर रहे हैं।