उत्तरकाशी में बादल फटने से हाहाकार-70 लोग लापता…
कल्प केदार मंदिर भी मलबे में दबा…
25 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
उत्तरकाशी जिले के धराली गांव के ऊपर स्थित खीरगंगा क्षेत्र में मंगलवार दोपहर करीब 1:50 बजे अचानक बादल फटने की घटना सामने आई, जिससे पूरा इलाका दहल उठा। चंद सेकंड में खीरगंगा नदी में उफान आया और पानी मलबे के साथ धराली के मुख्य बाजार की ओर बह निकला। तबाही इतनी जबरदस्त थी कि पूरा बाजार मलबे में तब्दील हो गया। वहीं इस दौरान 70 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं।
कल्प केदार मंदिर भी मलबे में दबा
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महज 20 सेकंड के भीतर लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और तेज बहाव ने होटल, रिसॉर्ट, दुकानें, घर और सेब के बगीचों को रौंदते हुए सब कुछ जमींदोज कर दिया। इस घटना में धराली का प्रसिद्ध कल्प केदार मंदिर भी पूरी तरह मलबे में समा गया।
70 लोग लापता, कई की मौत की पुष्टि
प्रशासन ने अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि करीब 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य रातभर बाधित रहने के बाद बुधवार सुबह से दोबारा शुरू कर दिया गया है। मौके पर प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना के जवान राहत कार्यों में जुटे हैं। आपदा कंट्रोल रूम से हालात की सतत निगरानी की जा रही है।
गंगोत्री हाईवे से टूटा संपर्क, भटवाड़ी में फंसी राहत टीमें
धराली और हर्षिल क्षेत्र का जनपद और तहसील मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। गंगोत्री हाईवे पर पापड़गाड़ के पास करीब 30 मीटर सड़क धंस गई है, जिसके चलते राहत सामग्री लेकर जा रही जिला प्रशासन की टीमें भटवाड़ी में फंसी हुई हैं। देर रात से टीमें वहीं पर अटकी हुई हैं।
लगातार बारिश से बिगड़े हालात, हाईवे पर आया मलबा
जिले में बीते तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे यमुना और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। स्याना चट्टी में यमुना नदी और कुपड़ा खड्ड में मलबा और बोल्डर आने से लोग सहमे हुए हैं। यमुनोत्री हाईवे कई स्थानों पर बंद हो गया है। गंगोत्री हाईवे पर नेताला और मनेरी-ओंगी के बीच भी नदी से सड़क पर कटाव हो रहा है। पापड़गाड़ में आज सड़क खोलना मुश्किल माना जा रहा है।
सीएम धामी रवाना, हर्षिल में राहत शिविर स्थापित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को धराली, हर्षिल और आसपास के इलाकों में आपदा से हुई क्षति का जायजा लेने के लिए सहस्त्रधारा हेलीपैड से रवाना हो गए हैं। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य और पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल भी मौके के लिए निकल चुके हैं। हर्षिल में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं और स्थानीय लोगों को मुखबा, कछोरा जैसे सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
पीएम मोदी ने लिया अपडेट, निर्देश जारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से आपदा की स्थिति पर अपडेट लिया है और हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। केंद्र सरकार भी लगातार राज्य सरकार के संपर्क में है।
आपदा की वजह: भूमध्य सागर से उठा विक्षोभ
आईआईटी रुड़की के हाइड्रोलॉजी विभाग के वैज्ञानिक प्रो. अंकित अग्रवाल के अनुसार, उत्तरकाशी में आई आपदा का पैटर्न वर्ष 2013 की केदारनाथ त्रासदी जैसा है। इसका मुख्य कारण भूमध्य सागर से उठे पश्चिमी विक्षोभ का हिमालय से टकराना है। जलवायु परिवर्तन की वजह से अब मानसून और पश्चिमी विक्षोभ आगे की ओर शिफ्ट हो रहे हैं, जिससे ऐसे घटनाएं और विकराल हो रही हैं। प्रो. अग्रवाल इस विषय पर जर्मनी की पॉट्सडैम यूनिवर्सिटी के साथ इंडो-जर्मन प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, जिसमें हिमालयी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व चेतावनी पर शोध किया जा रहा है।
सड़क बहाल करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने पुलिस प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने, तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने और लोगों को लगातार सचेत करते रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बीआरओ को युद्धस्तर पर हाईवे बहाल करने के निर्देश जारी किए गए हैं।