तिहाड़ जेल में जबरन वसूली..!
सख्त हुई दिल्ली सरकार…नौ अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई..!
18 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट को बताया है कि तिहाड़ जेल के 9 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। इन अधिकारियों पर जेल के अंदर जबरन वसूली का रैकेट चलाने का आरोप है, जिसमें जेल कर्मचारी और कैदी, दोनों शामिल पाए गए हैं। सरकार ने कोर्ट को बताया कि इन अधिकारियों के खिलाफ ट्रांसफर, निलंबन और अनुशासनात्मक कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कोर्ट ने अनुशासनात्मक कानूनों के सख्त पालन के निर्देश दिए
चीफ जस्टिस डी के उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने कहा कि अनुशासनात्मक कानूनों का कड़ाई से पालन होना चाहिए। कोर्ट ने सीबीआई और दिल्ली सरकार के गृह विभाग को रिपोर्ट पेश करने के लिए 8 हफ्तों का अतिरिक्त समय दिया और अगली सुनवाई 28 अक्टूबर तय की।
सीबीआई को एफआईआर दर्ज करने का आदेश
इससे पहले, सोमवार को कोर्ट ने सीबीआई को तिहाड़ जेल के अंदर अधिकारियों और कैदियों की संलिप्तता वाले कथित जबरन वसूली गिरोह के मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। अदालत ने इन आरोपों को ‘आश्चर्यजनक’ बताते हुए कहा था कि सरकार को इस पर जल्द और गंभीरता से विचार करना होगा।
प्रारंभिक जांच में अवैध गतिविधियों के संकेत
दरअसल 11 अगस्त को कोर्ट ने सीबीआई की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट देखी, जिसमें संकेत मिले कि तिहाड़ जेल के अंदर कई अवैध और भ्रष्ट गतिविधियों में कैदी और जेल अधिकारी शामिल हैं। 2 मई को कोर्ट ने दिल्ली सरकार के गृह विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी को इस मामले की जांच करने और प्रशासनिक व सुपरविजन में चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान करने के निर्देश दिए थे।
कैदियों की सुरक्षा और धन उगाही का मामला
यह मामला मोहित कुमार गोयल की याचिका से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया कि जेल में कुछ सुविधाएं पाने के लिए जेल के अंदर और बाहर के लोग, जेल अधिकारियों के साथ मिलकर धन उगाही करते हैं। कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि जांच सिर्फ जेल अधिकारियों तक सीमित न रहे, बल्कि इसमें शामिल सभी लोगों तक पहुंचे, जिनमें कैदियों के रिश्तेदार और याचिकाकर्ता भी शामिल हो सकते हैं। यह याचिका एक पूर्व कैदी ने दायर की थी, जिसमें जबरन वसूली के आरोप और कैदियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया था।