दो रुपये में किया 50 साल इलाज…
अब जिंदगी से जंग हार गए जनता के डॉक्टर…
27 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
केरल के कन्नूर जिले में पचास वर्षों से भी अधिक समय तक केवल दो रुपये फीस लेकर हजारों गरीबों का इलाज करने वाले डॉ. ए. के. रैरु गोपाल का रविवार को निधन हो गया। 80 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, उनकी मृत्यु बुजुर्गावस्था से जुड़ी बीमारियों के चलते हुई। डॉ. गोपाल के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। उनका अंतिम संस्कार कन्नूर के पय्यंबलम में रविवार दोपहर किया जाएगा।
जनता के डॉक्टर का सच्चा परिचय
अपने निवास 'लक्ष्मी' में स्थित क्लिनिक में हर रोज सुबह 4 बजे से शाम 4 बजे तक बैठने वाले डॉ. गोपाल, समय के साथ अपनी सेहत को देखते हुए सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक मरीजों को देखने लगे थे। उनके क्लिनिक में कन्नूर और आसपास के जिलों से सैकड़ों मरीज आया करते थे, बच्चे, युवा, बुजुर्ग, सभी के लिए वो एक भरोसे का नाम थे। उनकी पहचान केवल ‘Two Rupee Doctor’ के तौर पर नहीं थी, बल्कि लोग उन्हें 'जनता के डॉक्टर' कहकर सम्मान देते थे। गरीबों के लिए वे एक उम्मीद थे, एक फरिश्ते जैसे।
मुफ्त दवा, निःस्वार्थ सेवा
डॉ. गोपाल सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं थे। अगर किसी मरीज के पास दवा खरीदने की क्षमता नहीं होती, तो वे उसे निःशुल्क दवा भी देते थे। यह सेवा केवल दया नहीं थी, बल्कि यह उनके जीवन का मूल मंत्र बन चुकी थी। मई 2024 में जब उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से अपनी क्लिनिक बंद की, तो यह खबर क्षेत्र के गरीब तबके के लिए एक गहरा आघात बन गई।
मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने डॉ. गोपाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “पिछले 50 वर्षों से वे केवल दो रुपये में लोगों का इलाज कर रहे थे। लोगों की सेवा के प्रति उनका समर्पण गरीब मरीजों के लिए एक बहुत बड़ी राहत था।”
दो रुपये में अमूल्य सेवा
आज जब इलाज की लागत दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, ऐसे दौर में डॉ. रैरु गोपाल की सेवा मिसाल बनकर सामने आती है। उनका जीवन यह दिखाता है कि मानवता, करुणा और सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। डॉ. गोपाल अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी दो रुपये की फीस में छुपी इंसानियत की कीमत हमेशा लोगों के दिलों में अमूल्य बनी रहेगी।