अमेरिका के लाख कूटनीतिक दबावों के बावजूद नहीं झुका भारत…
PM मोदी का स्पष्ट संदेश...स्वदेशी खरीदें भारतीय…
27 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तेल और व्यापार को लेकर बढ़ती धमकियों के बीच राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनने और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का आह्वान किया है। यहां अमेरिकी दबाव के बावजूद भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रूसी तेल की खरीद पर अब तक कोई रोक नहीं लगी है और न ही इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय लिया गया है। वहीं भारत अब अपने पसीने को तवज्जु देगा।
ट्रंप की 25% टैरिफ कार्रवाई पर मोदी की स्वदेशी हुंकार
PM मोदी ने ये आगाज उस समय में किया है जब अमेरिका ने भारत से होने वाले निर्यात पर 25% टैरिफ लागू कर दिया है और राष्ट्रपति ट्रंप ने रूसी तेल की खरीद जारी रहने पर और सख्त कदमों की चेतावनी दी है। इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश की एक रैली में स्पष्ट कहा है कि, "अब जो भी हम खरीदें, उसका एक ही मापदंड हो, वो भारत के पसीने से बना हो।" उन्होंने मौजूदा वैश्विक हालात को अस्थिर बताया और कहा कि भारत को अपनी आर्थिक संप्रभुता को बचाए रखना होगा।
रूसी तेल की खरीद जारी, कोई आधिकारिक रोक नहीं
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने तेल रिफाइनरियों को रूसी तेल की खरीद पर रोक लगाने के लिए कोई निर्देश नहीं दिया है। यह फैसला पूरी तरह से व्यावसायिक स्तर पर लिया जा रहा है और राज्य-नियंत्रित तथा निजी दोनों तरह की कंपनियां अपनी पसंद के स्रोत से तेल खरीद सकती हैं।
BRICS और रूस के साथ भारत की साझेदारी पर अमेरिकी तंज
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत की BRICS में सक्रिय भूमिका और रूस से करीबी संबंधों को लेकर तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि "ये सभी देश अपनी मरी हुई अर्थव्यवस्थाओं को साथ ले डूब सकते हैं।" यह बयान अमेरिका के उस पुराने रुख से बिल्कुल अलग है जिसमें वह भारत को चीन के खिलाफ एशिया में एक रणनीतिक साझेदार मानता रहा है।
रजनीति के साथ व्यापार पर भी दबाव
ट्रंप प्रशासन के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने रविवार को भारत पर अमेरिकी सामानों पर भारी टैरिफ लगाने और इमिग्रेशन सिस्टम में "धोखाधड़ी" का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत और चीन लगभग समान मात्रा में रूसी तेल खरीद रहे हैं और इससे युद्ध को वित्तीय समर्थन मिल रहा है।
‘तीसरे देश की नजर से न देखें रिश्ते’
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि रूस के साथ भारत का संबंध समय की कसौटी पर खरा उतरा है और यह रिश्ता अपनी स्वतंत्र अहमियत रखता है। उन्होंने कहा कि भारत का अमेरिका से संबंध भी मजबूत बना रहेगा और द्विपक्षीय वार्ताएं इस महीने के अंत तक जारी रहने की उम्मीद है।
दूध और कृषि क्षेत्र में समझौता नहीं
नई दिल्ली से एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ताओं में भारत अपने डेयरी और कृषि क्षेत्र को अमेरिकी बाजार के लिए नहीं खोलेगा। इसके पीछे राजनीतिक और धार्मिक संवेदनशीलताएं हैं।
'मेक इन इंडिया' को नई धार
अमेरिकी टैरिफ के बाद प्रधानमंत्री मोदी का "मेक इन इंडिया" अभियान और अधिक मुखर हो गया है। उन्होंने कहा कि देश के किसानों, लघु उद्योगों और युवाओं के रोजगार की रक्षा सर्वोपरि है।