भारत के अमीरों के पास GDP के 40% से अधिक संपत्ति…
अडानी से दुगुनी संपत्ति अर्जित कर टॉप पर अंबानी परिवार…
18 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
हुरुन और बार्कलेज की संयुक्त रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अरबपति मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाला अंबानी परिवार 28 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ देश का सबसे मूल्यवान पारिवारिक व्यवसाय बना हुआ है। यह संपत्ति अदाणी परिवार की 14.01 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति से दोगुनी से भी अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के 300 सबसे अमीर भारतीय परिवारों के पास कुल 1.6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर, यानी 140 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है, जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 40% से भी अधिक है। अकेले अंबानी परिवार की संपत्ति ही जीडीपी का 12% है।
अंबानी की संपत्ति में 10% की बढ़ोतर
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में अंबानी परिवार की संपत्ति में 10% की वृद्धि हुई, जिससे वह लगातार शीर्ष स्थान पर बना रहा। वहीं, अदाणी समूह पहली पीढ़ी के उद्यमी की ओर से शुरू किया गया देश का सबसे मूल्यवान व्यवसाय है।
बिड़ला और जिंदल परिवार की बढ़त, बजाज की गिरावट
कुमार मंगलम बिड़ला परिवार की संपत्ति में पिछले वर्ष 20% की वृद्धि हुई और यह 6.47 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इससे वे पीढ़ी दर पीढ़ी संपत्ति अर्जित करने वाले परिवारों में एक पायदान ऊपर चढ़कर दूसरे स्थान पर आ गए। जिंदल परिवार की संपत्ति भी 21% बढ़कर 5.70 लाख करोड़ रुपये हो गई। इसके विपरीत, बजाज परिवार एक स्थान नीचे खिसककर चौथे नंबर पर पहुंच गया, क्योंकि उनकी संपत्ति 21% घटकर 5.64 लाख करोड़ रुपये रह गई।
सालभर में 17,000 करोड़ की बढ़ोतरी
देश के शीर्ष 300 परिवारों की कुल संपत्ति में एक साल में 17,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई। औसतन, इन परिवारों ने पिछले साल हर दिन 7,100 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की। 1 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 8,700 करोड़ रुपये) से अधिक संपत्ति रखने वाले परिवारों की संख्या 37 बढ़कर अब 161 हो गई है। इन परिवारों में से एक-चौथाई से अधिक के व्यवसाय स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध नहीं हैं। केवल 11% व्यवसाय सेवा क्षेत्र से जुड़े हैं, जबकि बाकी 89% भौतिक उत्पाद बेचते हैं।
मुंबई के सबसे ज्यादा अमीर परिवार
रिपोर्ट बताती है कि सूची में मुंबई से 91 परिवार शामिल हैं, जो किसी भी शहर में सबसे ज्यादा हैं। इसके बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से 62 और कोलकाता से 25 परिवार सूची में हैं। पिछले साल 9 नए परिवार ऐसे जुड़े हैं, जिनके व्यवसाय परिवार के बाहर से नियुक्त पेशेवर सीईओ चला रहे हैं, जिससे अब ऐसे परिवारों की संख्या 62 हो गई है।
अगली पीढ़ी का फोकस प्रबंधन पर
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कई परिवारों में नई पीढ़ी खुद व्यवसाय चलाने के बजाय धन का प्रबंधन करने पर ज्यादा ध्यान दे रही है। बार्कलेज प्राइवेट बैंक के प्रमुख नितिन सिंह ने अनुमान जताया कि अगले पांच वर्षों में 130 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति पीढ़ियों के बीच स्थानांतरित होगी। रिकॉर्ड 71 परिवार अब अपने धन और निवेश के लिए समर्पित पारिवारिक कार्यालय चला रहे हैं।
निजी इक्विटी की बढ़ती हिस्सेदारी
हुरुन इंडिया के मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने बताया कि निजी इक्विटी ने भी ऐसे पारिवारिक व्यवसायों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। उन्होंने इसका उदाहरण टेमासेक के हल्दीराम में किए गए निवेश के रूप में दिया।
अमेरिकी टैरिफ का खतरा
रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी टैरिफ बढ़ने से भारत की कई कंपनियों को अरबों डॉलर के निर्यात राजस्व का खतरा है। सूची में शामिल करीब 120 कंपनियां, जैसे अरविंद का डेनिम, भारत फोर्ज का ट्रक एक्सल और मेरिल के मेडिकल उपकरण, अगले 12 महीनों में इस असर को झेल सकती हैं, क्योंकि अमेरिका ने भारत से आने वाले कुछ उत्पादों पर टैरिफ 50% तक कर दिया है।
दान में 5,100 करोड़ रुपये
रिपोर्ट में दानशीलता का भी उल्लेख है। शीर्ष पारिवारिक व्यवसायों ने पिछले वर्ष विभिन्न सामाजिक कार्यों के लिए कुल 5,100 करोड़ रुपये दान में दिए। यह परिवार सामूहिक रूप से 134 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति रखते हैं।