झारखंड मुक्ति आंदोलन के नायक ने ली अंतिम सांस,
तीन बार के मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का निधन
27 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले एक महीने से दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में भर्ती थे, जहां किडनी संबंधी बीमारी के चलते उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। वेंटिलेटर सपोर्ट पर चल रहे गुरुजी के नाम से प्रसिद्ध शिबू सोरेन सोमवार की रात जिंदगी की जंग हार गए।
बेटे हेमंत सोरेन अस्पताल में रहे मौजूद
शिबू सोरेन के निधन की खबर जैसे ही फैली, पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई। उनके पुत्र और वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस कठिन समय में उनके साथ दिल्ली में ही मौजूद थे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पिता के निधन की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि, "आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं। आज मैं शून्य हो गया हूं…"
झारखंड आंदोलन के सबसे मजबूत स्तंभ
शिबू सोरेन केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि झारखंड राज्य निर्माण आंदोलन के प्रतीक बन चुके थे। उन्हें ‘गुरुजी’ के नाम से जाना जाता था। वे झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक नेताओं में से एक थे और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई को मुखरता से आगे बढ़ाया। उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक चेतना के ज़रिए आदिवासी क्षेत्रों में जागरूकता फैलाई और अलग झारखंड राज्य की नींव रखी।
तीन बार संभाली मुख्यमंत्री की कमान
गुरुजी कहे जाने वाले शिबू सोरेन तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे और हमेशा आदिवासी समाज की आवाज बने। उनकी राजनीति में जनभावनाओं की गहरी पकड़ थी। झारखंड के आदिवासी समाज और वंचित वर्गों के लिए उन्होंने न केवल संघर्ष किया बल्कि उन्हें अधिकार दिलाने की दिशा में ठोस काम भी किया।