जानें क्यों इस गांव में बैन हो गई लव मैरिज..!
प्रेमी विवाहित जोड़ों को शरण देने वालों को भी कार्रवाई की चेतावनी…
26 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
पंजाब के मोहाली जिले के माणकपुर शरीफ गांव में पंचायत द्वारा पास किया गया एक प्रस्ताव विवादों में घिर गया है। गांव की पंचायत ने सर्वसम्मति से 'लव मैरिज' पर रोक लगाने का फैसला किया है। पंचायत के मुताबिक, अब गांव में वही विवाह मान्य होंगे जो दोनों परिवारों की रजामंदी से हुए हों, वरना ऐसे जोड़ों को गांव या आसपास के इलाके में रहने नहीं दिया जाएगा।
शरण देने वाले खिलाफ भी कार्रवाई
इस गांव की सरपंच दलवीर सिंह की अगुवाई में पास हुए इस प्रस्ताव के मुताबिक, अगर कोई शख्स ऐसे विवाहित जोड़े को शरण या समर्थन देगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पंचायत ने इसके पीछे संस्कार और परंपराओं की रक्षा का हवाला दिया है।
भतीजी से शादी के बाद पंचायत का फैसला
दरअसल पंचायत के इस फैसले की पृष्ठभूमि में गांव का एक ताजा मामला है। दरअसल, पिछले हफ्ते 26 वर्षीय युवक देविंदर ने अपनी 24 वर्षीय भतीजी बेबी से शादी कर ली थी, जिसे लेकर गांव में बवाल मच गया। इसी के बाद पंचायत ने यह प्रस्ताव पास कर दिया। सरपंच दलवीर सिंह का कहना है, “हम लव मैरिज और कानून के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन पंचायत क्षेत्र में ऐसी शादियों को मंजूरी नहीं दे सकते। हमें अपनी परंपराओं और मर्यादा की रक्षा करनी है।”
सांसद धरमवीर गांधी ने कहा– ये तालिबानी सोच
पटियाला से कांग्रेस सांसद डॉ. धरमवीर गांधी ने इस प्रस्ताव की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘तालिबानी फरमान’ करार दिया है। उन्होंने कहा, “हर बालिग को अपना जीवनसाथी चुनने का संवैधानिक अधिकार है। पंचायतें या कोई भी संस्था उससे यह अधिकार नहीं छीन सकती। सरकार को ऐसे फरमानों से न्यायप्रिय नागरिकों की रक्षा करनी चाहिए।”
गांव में बंटे लोग, कुछ समर्थन में तो कुछ खामोश
हालांकि, गांव के कुछ स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर पंचायत के फैसले का समर्थन करते हुए कहा है कि “हम अपने सरपंच के साथ हैं। यह प्रस्ताव हमारी संस्कृति और मूल्यों की रक्षा के लिए है। भले ही दुनिया आधुनिक हो रही हो, लेकिन हमें अपनी जड़ों से नहीं कटना चाहिए।”
प्रशासन और महिला आयोग ने दी चेतावनी
मोहाली की एडीसी (ग्रामीण) सोनम चौधरी ने कहा कि अभी तक इस मामले को लेकर कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने साफ कहा, “अगर कोई बालिग है और शादी करना चाहता है तो उसे रोका नहीं जा सकता। भविष्य में अगर शिकायत मिलती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।” वहीं पंजाब महिला आयोग की अध्यक्ष राज लल्ली गिल ने भी इस पंचायत प्रस्ताव को असंवैधानिक बताया है। उन्होंने कहा, “ऐसी पंचायतों का कोई कानूनी मतलब नहीं होता। अगर कोई महिला या परिवार शिकायत करता है तो हम जांच और कार्रवाई दोनों करेंगे।”