बिना पूर्व सूचना के नहीं हटेगा मतदाता सूची से नाम…
चुनाव आयोग ने बिहार के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर किया हलफनामा…
21 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
चुनाव आयोग ने बिहार में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नया हलफनामा दायर किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित वोटर लिस्ट से किसी भी मतदाता का नाम बिना पूर्व सूचना, कारण बताए और सक्षम अधिकारी के आदेश के बिना नहीं हटाया जाएगा। यह हलफनामा एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की उस याचिका के जवाब में दायर किया गया है, जिसमें वोटर लिस्ट से हटाए गए लगभग 65 लाख नामों की जानकारी मांगी गई थी।
पूर्व सूचना और अपील का प्रावधान
आयोग ने कहा कि मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे कारण बताया जाएगा और अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। साथ ही, अपील के लिए दो-स्तरीय व्यवस्था बनाई गई है, जिससे किसी भी गलत कार्रवाई के खिलाफ मतदाता को पर्याप्त अवसर मिल सके।
योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने के प्रयास
चुनाव आयोग ने दावा किया कि कोई भी योग्य मतदाता छूट न जाए, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। जिन लोगों के पास दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया में मदद दी जाएगी। आयोग के अनुसार, 7.89 करोड़ मतदाताओं में से 7.24 करोड़ से अधिक ने अपने फॉर्म जमा किए हैं, जो मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
वोटर लिस्ट की उपलब्धता और जांच
1 अगस्त से 1 सितंबर तक की जांच अवधि के लिए वोटर लिस्ट की प्रिंटेड और डिजिटल कॉपी राजनीतिक दलों के साथ साझा की गई हैं। आम लोग इसे ऑनलाइन भी देख सकते हैं। मतदाताओं को जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) समुदायों से जुड़ने के लिए लगातार दौरे कर रहे हैं और अन्य आउटरीच गतिविधियां भी की जा रही हैं।
हटाए गए नामों की सूची पर आयोग की स्थिति
आयोग ने कहा कि मौजूदा नियमों के तहत, वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों की अलग सूची प्रकाशित करने या हटाए जाने के कारण बताने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, जिनके नाम सूची में नहीं हैं, वे नाम बहाल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।