अब स्कूल से छुट्टी लेने में नहीं चलेगी मनमानी..!
CBSE ने लागू किये सख्त नियम…
25 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
अगर आप या आपके बच्चे स्कूल से दो-चार दिन की छुट्टी यह सोचकर ले रहे हैं कि बाद में बहाना बना देंगे या मेडिकल सर्टिफिकेट दिखा देंगे, तो अब सतर्क हो जाइए। CBSE ने 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए अटेंडेंस और लीव को लेकर सख्त पॉलिसी जारी की है। बोर्ड ने साफ कहा है कि पढ़ाई में लापरवाही और छुट्टियों की आदत अब भारी पड़ सकती है। इस नई पॉलिसी के तहत स्कूल, स्टूडेंट और अभिभावक तीनों की जिम्मेदारी तय की गई है।
75% अटेंडेंस अनिवार्य, वरना बोर्ड एग्जाम से बाहर.!
CBSE ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जो नोटिस अपलोड किया है, उसमें बोर्ड एग्जाम देने के लिए एक सख्त शर्त रखी गई है कि, छात्र की कम से कम 75% उपस्थिति होनी चाहिए। अगर आपकी अटेंडेंस इससे कम है, तो CBSE परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं देगा। बोर्ड ने साफ किया है कि केवल 25% अनुपस्थिति की ही छूट दी जाएगी, और वो भी कुछ विशेष परिस्थितियों में, जैसे मेडिकल इमरजेंसी। यानी अब ‘मौज-मस्ती की छुट्टियों’ का चलन नहीं चलेगा।
छुट्टी लेनी है ? अब सख्त होगी प्रक्रिया
CBSE के मुताबिक, मेडिकल इमरजेंसी में छुट्टी लेने के बाद छात्र को वैध मेडिकल दस्तावेजों के साथ लीव एप्लिकेशन स्कूल में जमा करनी होगी। अगर छुट्टी का कारण कुछ और है, तो उसकी लिखित जानकारी भी स्कूल को देना अनिवार्य होगा। CBSE ने चेतावनी दी है कि अगर निरीक्षण के दौरान बिना कारण अनुपस्थित स्टूडेंट्स मिले, तो उन्हें 'डमी कैंडिडेट' माना जाएगा और परीक्षा में शामिल नहीं किया जाएगा।
अब स्कूल को रखना होगा पूरा अटेंडेंस रिकॉर्ड
CBSE ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे छात्रों की अटेंडेंस का रिकॉर्ड रोजाना अपडेट करें। हर क्लास टीचर और संबंधित अधिकारी को अटेंडेंस रजिस्टर पर साइन करना होगा। यह भी जरूरी होगा कि स्कूल हर विद्यार्थी की हाजिरी पर लगातार नजर बनाए रखे।
पैरंट्स को भी होगी जवाबदेही
अगर कोई स्टूडेंट लगातार स्कूल नहीं आ रहा है या 75% अटेंडेंस पूरी नहीं कर पा रहा है, तो स्कूल को उसके पैरंट्स को लिखित नोटिस देना होगा। यह सूचना स्पीड पोस्ट, रजिस्टर्ड पोस्ट या ईमेल के ज़रिए दी जाएगी और उसका रिकॉर्ड भी स्कूल को रखना होगा। यानि पैरंट्स को भी अब बच्चों की अटेंडेंस पर ध्यान देना होगा, नहीं तो बाद में पछताना पड़ सकता है।
CBSE कर सकता है अचानक जांच
बोर्ड ने यह भी कहा है कि वो कभी भी बिना सूचना के स्कूलों का इंस्पेक्शन कर सकता है। अगर जांच में अटेंडेंस रिकॉर्ड अधूरा मिला या छात्र नियमित स्कूल नहीं आ रहे हैं, तो बोर्ड न सिर्फ विद्यार्थियों को परीक्षा से बाहर कर सकता है, बल्कि स्कूल की मान्यता भी रद्द कर सकता है।