SIR के विरोध के दौरान पुलिस हिरासत में लिए गए विपक्ष के सांसद…
दो घंटे बाद हुई रिहाई…
20 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
बिहार में मतदाता सूची में संशोधन और कथित ‘वोट चोरी’ के विरोध में सोमवार को निर्वाचन आयोग की ओर मार्च कर रहे 30 से ज्यादा विपक्षी सांसदों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, शिवसेना (उद्धव गुट) के संजय राउत, और तृणमूल कांग्रेस की सागरिका घोष शामिल थीं। सभी को संसद मार्ग थाने ले जाया गया और करीब दो घंटे बाद रिहा कर दिया गया।
केवल 30 सांसदों को मिली थी अनुमति
अधिकारियों के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने अपने परिसर में प्रवेश के लिए केवल 30 सांसदों को अनुमति दी थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में सांसद और समर्थक संसद भवन से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर मार्च करने लगे। आयोग के कार्यालय तक इस मार्च की कोई औपचारिक अनुमति नहीं ली गई थी।
रास्ते में रोका, सड़क पर बैठ गए सांसद
मार्च के दौरान पुलिस ने ‘पीटीआई बिल्डिंग’ के बाहर बैरिकेड लगाकर सभी को रोक दिया। इसके बाद कई सांसद सड़क पर बैठकर नारे लगाने लगे। तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और कांग्रेस की संजना जाटव व जोथिमणि बैरिकेड पर चढ़ गईं और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं।
SIR मुद्दे पर ज्ञापन देने की योजना
विपक्षी सांसद SIR मुद्दे पर निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक लिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सांसदों को सूचित किया गया था कि केवल स्वीकृत 30 सांसद ही आयोग जा सकेंगे, और उनके नाम मिलने पर उन्हें ले जाया जाएगा।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
निर्वाचन आयोग मुख्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। रास्ते में कई जगह बैरिकेड लगाए गए और अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और व्यवस्था बनी रहे।