रेपो रेट पर RBI का बड़ा फैसला..न बदला रेपो रेट..न रुख…
जानें किस-किस को मिलेगी राहत..!
25 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee - MPC) ने बुधवार को हुई बैठक में रेपो रेट को 5.5% पर यथावत रखने का फैसला किया। समिति ने सर्वसम्मति से मौद्रिक नीति रुख (Policy Stance) को भी न्यूट्रल बनाए रखा है। आरबीआई गवर्नर संजया मल्होत्रा ने बताया कि भले ही भू-राजनीतिक तनावों में कुछ कमी आई हो, लेकिन निकट भविष्य में चुनौतियां बनी हुई हैं।
FY26 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान बरकरार
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि का अनुमान 6.5% पर स्थिर रखा है। यह निर्णय उस समय लिया गया जब वैश्विक व्यापार शुल्कों (Trade Tariffs) और भू-राजनीतिक अस्थिरताओं के चलते अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर के अनुमान को 3.7% से घटाकर 3.1% कर दिया गया है। गवर्नर के अनुसार, महंगाई परिदृश्य अब अधिक अनुकूल (benign) हो गया है।
हेडलाइन महंगाई में तेज गिरावट, जून में सिर्फ 2.1%
मई 2025 में जहां खुदरा महंगाई दर 2.8% थी, वहीं जून में यह घटकर 2.1% पर आ गई जो जनवरी 2019 के बाद सबसे कम है। यह लगातार पांचवां महीना है जब CPI आधारित महंगाई दर 4% के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है।
लोन पर ब्याज दरों में तत्काल राहत की उम्मीद नहीं
रेपो रेट को स्थिर रखने के चलते एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स (EBLR) में कोई बदलाव नहीं होगा, यानी कि ऐसे लोन की ब्याज दरों में तुरंत कटौती की संभावना नहीं है जो रेपो रेट से जुड़े हैं। हालांकि, मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) से जुड़े लोन की ब्याज दरों में बैंकों द्वारा बदलाव किया जा सकता है।