कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला…
ABC नियम को बताया बेतुका..!
20 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
दिल्ली NCR में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर बढ़ते आवारा कुत्तों के हमलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कड़ा रुख अपनाया। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने साफ कहा कि सड़कों को पूरी तरह से आवारा कुत्तों से मुक्त करना पहला और सबसे अहम कदम होना चाहिए। अदालत ने NCR, MCD और NDMC को आदेश दिया कि तुरंत सभी इलाकों से कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम भेजा जाए।
दोनों तरह के कुत्तों को हटाया जाएगा
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि नसबंदी वाले और बिना नसबंदी वाले—दोनों ही तरह के कुत्तों को हटाया जाएगा, खासकर संवेदनशील और घनी आबादी वाले इलाकों से। इसके लिए यदि विशेष बल (Special Force) बनानी पड़े तो तुरंत बनाई जाए। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन कुत्तों को पकड़ने में बाधा डालेगा, तो उस पर अवमानना की कार्रवाई होगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कहा कि कुछ कुत्ता प्रेमियों की वजह से बच्चों की जान खतरे में नहीं डाली जा सकती।
ABC नियम को बताया बेतुका
मौजूदा Animal Birth Control (ABC) नियम, जिसमें नसबंदी के बाद कुत्तों को उसी इलाके में छोड़ने का प्रावधान है, को सुप्रीम कोर्ट ने ‘बेतुका’ बताया। अदालत का कहना था कि इससे समस्या खत्म नहीं होती और खतरा बना रहता है। कोर्ट ने दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुड़गांव के प्राधिकरणों को 8 हफ्तों में डॉग शेल्टर बनाने का आदेश दिया, जिसमें पेशेवर स्टाफ, नसबंदी-टीकाकरण की सुविधा, CCTV निगरानी और बाहर निकलने पर पाबंदी हो। पहले चरण में 5,000 कुत्तों के लिए यह काम शुरू होगा।
रेबीज़ के खतरे से बचने के लिये जरुरी है कदम
जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि यह कदम जनता की सुरक्षा के लिए जरूरी है, ताकि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को रेबीज़ के खतरे से बचाया जा सके। साथ ही, कोर्ट ने कुत्तों के हमले या काटने की शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन शुरू करने का निर्देश भी दिया।