पत्नी की लाश मोटरसाइकिल पर बांधकर बढ़ता रहा लाचार पति…
पुलिस ने रोका तो सामने आई दर्दनाक कहानी…
20 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
महाराष्ट्र के नागपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार को एक ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने राहगीरों को स्तब्ध कर दिया और आंखें नम कर दीं। 35 वर्षीय अमित यादव अपनी पत्नी ग्यारसी का शव मोटरसाइकिल पर बांधकर गांव की ओर जा रहा था। राह में कई लोग हैरान रह गए, कुछ ने उसे रोकने की कोशिश भी की, लेकिन अमित बिना रुके आगे बढ़ता रहा। इस अजीब और दर्दनाक नज़ारे के पीछे एक दिल तोड़ देने वाली कहानी छिपी थी।
रक्षाबंधन पर हादसा
रक्षाबंधन के दिन अमित यादव, अपनी पत्नी ग्यारसी के साथ नागपुर जिले के लोणारा से देवलापार होते हुए करणपुर जा रहा था। दोनों त्योहार मनाने निकले थे, लेकिन रास्ते में एक ट्रक ने अचानक कट मारा। पीछे बैठी ग्यारसी सड़क पर गिरी और ट्रक के पहियों के नीचे आ गई। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई। ट्रक चालक रुका भी नहीं और घटनास्थल से भाग निकला।
मदद की पुकार, लेकिन कोई नहीं रुका
अपनी पत्नी की मौत से टूट चुके अमित ने राहगीरों से मदद मांगी, हाथ जोड़े, लेकिन किसी ने गाड़ी नहीं रोकी। भीड़ में कोई भी कंधा देने को तैयार नहीं था। मजबूर होकर अमित ने पत्नी का शव मोटरसाइकिल पर बांधा और गांव की ओर निकल पड़ा।
पुलिस ने रोका, कहानी सुनते ही सब खामोश
हाईवे पर यह नज़ारा देखने वालों के लिए चौंकाने वाला था। आखिरकार, मोरफाटा इलाके में हाईवे पुलिस ने उसे रोक लिया। जब पुलिस ने पूरी कहानी सुनी, तो माहौल गंभीर हो गया। ग्यारसी का शव पोस्टमॉर्टम के लिए नागपुर के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज भेजा गया और अमित को पूछताछ के लिए रोका गया।
10 साल का साथ, एक दिन में टूटा
मध्यप्रदेश के सिवनी के रहने वाले अमित और ग्यारसी पिछले 10 साल से नागपुर जिले के लोणारा में रहकर रोज़ी-रोटी कमा रहे थे। रक्षाबंधन के दिन, जब लोग मिठाई और राखी में व्यस्त थे, इन दोनों के जीवन में यह दर्दनाक घटना घट गई। यह हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के सामने एक सवाल भी छोड़ जाता है। कि भीड़ में इंसानियत कब आएगी ?