दिल्ली में स्ट्रे डॉग्स को लेकर फैसले में आया नया मोड़..!
CJI ने दिया विचार का आश्वासन…
18 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
दिल्ली की सड़कों से आवारा कुत्तों को हटाने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में एक नया मोड़ आया है। चीफ जस्टिस बीआर गवई ने इस मामले में दखल देने का आश्वासन दिया है। यह आश्वासन उस समय आया जब एक वकील ने 11 अगस्त को जारी अदालत के आदेश पर आपत्ति जताई। इस आदेश में दिल्ली की सड़कों से सभी आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देश दिए गए थे।
CJI ने कहा मामले को देखेंगे
वकील ने CJI को बताया कि पहले भी अदालत का एक फैसला आ चुका है, जिसमें कहा गया था कि कुत्तों को अंधाधुंध तरीके से नहीं मारा जा सकता। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जस्टिस करोल उस बेंच का हिस्सा थे। वकील का कहना था कि सभी जीवों के प्रति दया का भाव होना चाहिए। इस पर CJI गवई ने कहा कि दूसरी बेंच ने पहले ही आदेश पारित कर दिया है, लेकिन वह इस मामले को देखेंगे।
11 अगस्त को दिया था आदेश
यह आदेश जस्टिस जेबी पारदीवाला और आर महादेवन की बेंच ने 11 अगस्त को दिया था। इसमें दिल्ली सरकार, MCD और NDMC को निर्देश दिया गया था कि दिल्ली के सभी इलाकों से आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टर में भेजा जाए। कोर्ट ने साफ किया था कि सभी इलाके आवारा कुत्तों से मुक्त होने चाहिए और इसमें कोई समझौता नहीं होगा।
क्या थीं आदेश की मुख्य बातें
- दिल्ली-NCR के सभी इलाकों से आवारा कुत्तों को हटाया जाए।
- हटाने में बाधा डालने वाले एनिमल एक्टिविस्टों के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई हो।
- दिल्ली सरकार, MCD और NDMC को 8 सप्ताह में कुत्तों के लिए आश्रय गृह बनाना अनिवार्य।
- पकड़े गए कुत्तों का दैनिक रिकॉर्ड रखना।
- एक भी आवारा कुत्ते को रिहा नहीं किया जाए।
- डॉग बाइट की रिपोर्टिंग के लिए एक सप्ताह के भीतर हेल्पलाइन शुरू हो।
- रेबीज के टीके कहां उपलब्ध हैं, इसकी जानकारी प्रकाशित की जाए।
हालाँकि यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के संज्ञान में आ चुका है। जिसके बाद अब आने वाले समय में इस पर महत्वपूर्ण सुनवाई की संभावना है।