ख़ास होने वाला है इस बार के स्वतंत्रता दिवस का जश्न…
सेना कर रही पारंपरिक ब्रिटिश-कालीन 21 तोपों की सलामी का अभ्यास…
20 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
आगामी 15 अगस्त 2025 को अपने 79वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न भव्यता, गर्व और देशभक्ति के जोश के साथ मनाने के लिए तैयार है। देश के सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक आयोजनों में से एक, यह समारोह एक बार फिर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में आयोजित होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और इसके प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। लेकिन इस बार के जश्न में बहुत कुछ खास होने वाला है। तो चलिए जानते हैं क्या है इस बार के जश्न में खास…
21 तोपों की सलामी होगी खास
कार्यक्रम की शुरुआत सशस्त्र बलों और दिल्ली पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर से होगी। इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा, राष्ट्रगान गाया जाएगा और 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इस अवसर पर वायुसेना के हेलीकॉप्टर फूलों की वर्षा करेंगे और अंत में तिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़े जाएंगे। इस साल 21 तोपों की सलामी खास होगी, क्योंकि यह भारतीय निर्मित 105 मिमी हल्की फील्ड गन से दी जाएगी। आठ गनें 52 सेकंड में यह सलामी देंगी, जो राष्ट्रगान की धुन के साथ पूरी तरह तालमेल में होगी।
सघन तैयारियां और रिहर्सल
कार्यक्रम से पहले, सेना, नौसेना और वायुसेना लाल किले में फुल-ड्रेस रिहर्सल कर रही हैं, ताकि आयोजन में किसी भी तरह की चूक न हो। इन रिहर्सलों में सशस्त्र बलों, पुलिस बलों और सांस्कृतिक समूहों के बीच तालमेल साधा जाता है, जिसमें मार्च पास्ट, बैंड की धुन और औपचारिक सलामी की तैयारी होती है। लड़ाकू विमान भी हवाई करतब और फॉर्मेशन का प्रदर्शन करते हैं। सेना पारंपरिक ब्रिटिश-कालीन 21 तोपों की सलामी का अभ्यास कर रही है, जो 15 अगस्त के सबसे पहचाने जाने वाले आयोजनों में से एक है। फुल-ड्रेस रिहर्सल के दौरान एक सैन्य हेलीकॉप्टर ने फूलों की वर्षा भी की, जिससे समारोह की एक झलक देखने को मिली।
जनभागीदारी और आधिकारिक घोषणाएं
जश्न से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस साल के स्वतंत्रता दिवस भाषण के लिए अपने सुझाव और विचार साझा करें। उन्होंने एक्स (X) पर संदेश देते हुए लोगों को माईगव (MyGov) और नमो ऐप (NaMo App) के माध्यम से सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित किया। रक्षा मंत्रालय ने भी ‘राष्ट्रपर्व पोर्टल’ के जरिए मार्ग मानचित्र, यातायात व्यवस्था और आगंतुकों के लिए निर्दिष्ट एन्क्लोज़र तक पहुंचने की जानकारी जारी की है। इसके साथ ही एक वीडियो भी साझा किया गया है, जिससे दर्शक आसानी से समारोह स्थल तक पहुंच सकें।
ऐतिहासिक विरासत
लाल किला 15 अगस्त 1947 से स्वतंत्रता दिवस का केंद्र रहा है, जब भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने लाहौरी गेट पर तिरंगा फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया था। तब से हर वर्ष वर्तमान प्रधानमंत्री इस परंपरा को निभाते आ रहे हैं, जो एकता, स्वतंत्रता और राष्ट्र की भावना का प्रतीक है। जैसे-जैसे 15 अगस्त नजदीक आ रहा है, लाल किले में हो रही तैयारियां न केवल आने वाले भव्य समारोह की झलक देती हैं, बल्कि उस गर्व और इतिहास की भावना को भी दर्शाती हैं, जो हर भारतीय के दिल में बसती है।