मनी लांड्रिंग केस में बुरे फंस गए वाड्रा…
कोर्ट ने कसा सिकंजा…जारी किया नोटिस
29 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। दिल्ली की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों से जुड़े मामले में वाड्रा समेत अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किया है। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर चार्जशीट से जुड़ा है, जिसमें वाड्रा पर 58 करोड़ रुपये के गुरुग्राम भूमि सौदे में ‘अपराध की आय’ जुटाने का आरोप लगाया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वह केस पर संज्ञान लेने से पहले सभी अभियुक्तों का पक्ष सुनेगी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी।
ईडी की चार्जशीट में तीन व्यक्ति और 8 कंपनियां आरोपी
प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में इस केस में चार्जशीट दायर की, जिसमें रॉबर्ट वाड्रा के अलावा ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज, उसके प्रमोटर सत्यानंद याजी और केएस विर्क को आरोपी बनाया गया है। साथ ही आठ कंपनियों के नाम भी शामिल हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ईडी सभी अभियुक्तों को चार्जशीट की कॉपी उपलब्ध कराए।
गांधी परिवार के खिलाफ लगातार दूसरी चार्जशीट
पिछले तीन महीनों में गांधी परिवार के खिलाफ यह दूसरी बड़ी चार्जशीट है। इससे पहले, 17 अप्रैल को ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और सांसद राहुल गांधी के खिलाफ नेशनल हेराल्ड केस में चार्जशीट दायर की थी। अब रॉबर्ट वाड्रा को भी इस कानूनी घेरे में लाकर गांधी परिवार की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।
गुरुग्राम लैंड डील का पूरा मामला क्या है ?
वाड्रा पर यह मामला गुरुग्राम के सेक्टर-83 स्थित शिकोहपुर गांव की 3.5 एकड़ जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि उन्होंने अपनी कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से 12 फरवरी 2008 को यह जमीन 7.5 करोड़ रुपये में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से खरीदी। खास बात यह रही कि उसी समय तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस प्रॉपर्टी की 2.7 एकड़ जमीन को कमर्शियल लाइसेंस दे दिया। इसके बाद वाड्रा ने यह ज़मीन रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दी। इस सौदे से उन्हें सिर्फ चार महीने में करीब 50 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ।
ईडी ने जब्त की 43 संपत्तियां
इस लैंड डील की जांच गुरुग्राम पुलिस की 2018 की एफआईआर से शुरू हुई थी, जिसमें धोखाधड़ी के आरोप लगे थे। इसके बाद ईडी ने कार्रवाई करते हुए वाड्रा और उनकी कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी से जुड़ी 43 संपत्तियां जब्त कर लीं, जिनकी कुल कीमत 37 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
वाड्रा पर अन्य जांचें भी जारी
रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ केवल गुरुग्राम लैंड डील ही नहीं, बल्कि राजस्थान और हरियाणा की अन्य जमीनों से जुड़े सौदों की भी जांच जारी है। यह सौदे उस समय हुए थे जब इन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें थीं और केंद्र में यूपीए सत्ता में था। आरोप है कि वाड्रा को हरियाणा की हुड्डा सरकार से ज़मीन के उपयोग को कृषि से बदलकर कमर्शियल व रेजिडेंशियल में बदलने की अनुमति मिली थी, जिससे उन्हें भारी लाभ हुआ। इसके अलावा, फरार हथियार डीलर संजय भंडारी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में भी वाड्रा जांच के घेरे में हैं। आरोप है कि भंडारी ने उन्हें डिफेंस डील के बदले लंदन और दुबई में प्रॉपर्टी दिलाने में मदद की। अब देखना होगा कि 28 अगस्त की सुनवाई में वाड्रा और अन्य आरोपी अदालत में क्या पक्ष रखते हैं, और ईडी इस कानूनी लड़ाई को किस मोड़ तक ले जाती है।