खाने से होती थी एलर्जी, शरीर पर पड़ते थे चकत्ते,
रहस्यमयी बीमारी ने महिला को किया देश छोड़ने पर मजबूर
25 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Viral News: किसी भी इंसान को अपना देश छोड़ना बहुत मुश्किल फैसला होता है, लेकिन अगर बात जान बचाने की हो तो कुछ लोगों को मजबूरी में ऐसा करना पड़ता है। अमेरिका की एक महिला के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। रहस्यमयी बीमारी की वजह से वह कई सालों तक परेशान रहीं और अंत में उन्हें अमेरिका छोड़ यूरोप में जाकर बसना पड़ा। उनका शरीर अमेरिका के सामान्य खाने पर गंभीर एलर्जी जैसी प्रतिक्रिया देने लगा था। हालात इतने खराब हो गए कि उन्हें सिर्फ तीन चीज़ें ही खाना मुनासिब लगा ब्रोकोली, नारियल और चिकन।
खाने से हो रही थी जानलेवा एलर्जी
बी (Bee), जो सोशल मीडिया पर इसी नाम से जानी जाती हैं, तीन सालों तक अमेरिका में ऐसी बीमारी से जूझती रहीं जिसमें उन्हें चीज़, गेहूं की ब्रेड और ताज़ी सब्ज़ियों जैसी चीज़ें भी नुकसान पहुंचा रही थीं। उन्हें पित्ती, पेट दर्द और एनाफिलैक्सिस जैसे खतरनाक लक्षण होने लगे थे। शरीर धीरे-धीरे पोषण की कमी से जवाब दे रहा था। बी ने बताया कि वह अमेरिका नहीं छोड़ना चाहती थीं, लेकिन और कोई विकल्प नहीं था।
यूरोप पहुंचते ही बदल गया शरीर का रिएक्शन
नवंबर 2024 में बी यूरोप गईं। वहां जाकर उन्होंने महसूस किया कि पहले जिन चीजों से उन्हें एलर्जी होती थी, अब वही चीजें खाने के बाद कोई नकारात्मक असर नहीं हो रहा। उन्होंने TikTok पर एक सीरीज़ शुरू की जिसमें वह अमेरिका में एलर्जी देने वाले खाने को यूरोप में खाकर दिखा रही हैं। बी ने बताया कि एक बार उन्होंने अनजाने में वही खाना खा लिया जिससे पहले अमेरिका में उन्हें रिएक्शन होता था, लेकिन इस बार शरीर ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
MCAS बीमारी और मायकोटॉक्सिन्स का कनेक्शन
बी को मास्ट सेल एक्टिवेशन सिंड्रोम (MCAS) नाम की एक दुर्लभ बीमारी है जिसमें इम्यून सिस्टम ज़रूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया देता है। बी का मानना है कि अमेरिका के खाने में मौजूद मायकोटॉक्सिन्स (फफूंद से बने ज़हरीले तत्व) उनके एलर्जी की असली वजह थे। अमेरिका में खाद्य सुरक्षा के नियमों की तुलना में यूरोप और एशियाई देशों में ज़्यादा सख्त निगरानी होती है, जिससे बी को वहां राहत मिली।
डॉक्टरों की चेतावनी
बी का एक वीडियो जिसमें वह थाईलैंड में ब्रेडेड श्रिम्प खा रही हैं, 21 लाख बार देखा गया। इस पर डॉक्टर रुबिन जैसे एलर्जी विशेषज्ञों ने कहा है कि बिना डॉक्टर की निगरानी के इस तरह के प्रयोग नहीं करने चाहिए क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है।