DRDO गेस्ट हाउस का मैनेजर निकला जासूस, पाकिस्तान को भेजता था गोपनीय जानकारी,
जैसलमेर से पकड़ा गया आरोपी
26 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Rajasthan News: भारत-पाकिस्तान सीमा पर एक बार फिर जासूसी का बड़ा मामला सामने आया है। इस बार जो शक के घेरे में आया है, वह कोई आम आदमी नहीं, बल्कि डिफेंस रिसर्च एंड डवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के गेस्ट हाउस का मैनेजर है। आरोपी मैनेजर पर पाकिस्तान के लिए खुफिया जानकारी भेजने का आरोप है। यह गेस्ट हाउस बेहद संवेदनशील जगह पर मौजूद है, जहां सैन्य परीक्षणों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी और वैज्ञानिक रुकते हैं। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है और जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।
जैसलमेर के चांधन में था DRDO गेस्ट हाउस, वहीं से हो रही थी जासूसी
जासूसी के आरोप में पकड़े गए व्यक्ति का नाम महेंद्र प्रसाद है, जो उत्तराखंड के अल्मोड़ा का रहने वाला है। वह राजस्थान के जैसलमेर जिले के चांधन क्षेत्र में स्थित DRDO के गेस्ट हाउस में मैनेजर के पद पर कार्यरत था। यही वह स्थान है, जहां सैन्य परीक्षणों के दौरान वरिष्ठ अधिकारी और वैज्ञानिक रुकते हैं। आरोपी पर सैन्य अधिकारियों और परीक्षण से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान भेजने का आरोप है। बता दें, जैसलमेर में पोकरण फायरिंग रेंज जैसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र हैं, जहां भारत की रक्षा तैयारियों से जुड़े अहम प्रयोग होते हैं।
मोबाइल और चैट्स से मिले पक्के सबूत
जांच एजेंसियों को आरोपी के मोबाइल और उसकी चैटिंग से कई पक्के सबूत मिले हैं, जो इस जासूसी के दावे को मजबूत करते हैं। महेंद्र प्रसाद की गतिविधियों पर लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की नजर थी और जब ठोस सबूत हाथ लगे, तो उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। अभी उससे मिलिट्री इंटेलिजेंस और सुरक्षा एजेंसियां सघन पूछताछ कर रही हैं। यह भी संभव है कि जल्द ही संयुक्त खुफिया समिति (JIC) भी उससे पूछताछ करे।
2008 से कर रहा था गेस्ट हाउस में काम, कब से जासूसी शुरू की- जांच जारी
जानकारी के अनुसार, महेंद्र प्रसाद वर्ष 2008 से DRDO गेस्ट हाउस में काम कर रहा था। हालांकि, उसने कब से पाकिस्तान के लिए जासूसी शुरू की, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू की भी गंभीरता से जांच कर रही हैं। जैसलमेर क्षेत्र पहले भी जासूसी के मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद वहां से दो प्रमुख जासूस पठान खान और शकूर खान को गिरफ्तार किया गया था। तब से सुरक्षा एजेंसियां लगातार अलर्ट पर हैं।