ट्रंप के फैसले से 1400 रुपये सस्ता हुआ सोना, क्या यह खरीदारी का सही मौका है,
जानें आगे का अनुमान
19 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Gold Price News: सोने में निवेश का सही समय तलाश रहे लोगों के लिए अच्छी खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अगस्त 2025 को ऐलान किया कि सोने के आयात पर कोई टैरिफ नहीं लगाया जाएगा। इस घोषणा के तुरंत बाद भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत में करीब 1,400 रुपये की गिरावट आई। आज 12 अगस्त को भी सोने में लगभग 50 रुपये की और गिरावट दर्ज हुई है, जबकि पूरे दिन की ट्रेडिंग अभी बाकी है। इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय और भारतीय बाजार में सोने की दिशा बदल दी है।
अमेरिकी फैसले से खत्म हुई अनिश्चितता
ट्रंप का यह ऐलान यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) के एक फैसले के बाद आया, जिसमें 1 किलो और 100 औंस के मानक सोने की छड़ों पर टैरिफ लगाने की संभावना जताई गई थी। इस वजह से सोने के व्यापार में अनिश्चितता बढ़ गई थी। लेकिन अब इस डर पर विराम लग गया है। घोषणा के बाद अमेरिकी सोना वायदा (दिसंबर डिलीवरी) में 2.4 से 2.5 फीसदी की गिरावट आई और यह 3,404–3,407 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। स्पॉट गोल्ड 1.2 फीसदी गिरकर 3,357–3,358.33 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर हुआ। 8 अगस्त को यह 3,534 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर था।
स्विट्जरलैंड और वैश्विक बाजार को राहत
वैश्विक सोने की रिफाइनिंग और व्यापार का प्रमुख केंद्र स्विट्जरलैंड था, जिसे अमेरिका में निर्यात पर 39% टैरिफ का खतरा था। ट्रंप के फैसले ने यह जोखिम टाल दिया, जिससे सप्लाई चेन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह स्विट्जरलैंड के लिए भी बड़ी राहत है और वैश्विक सोना व्यापार सुचारू रूप से चलता रहेगा।
सुरक्षित निवेश का भरोसा बरकरार
भूराजनीतिक तनाव और व्यापारिक अनिश्चितताओं के बावजूद सोना सुरक्षित निवेश का जरिया बना हुआ है। टैरिफ की आशंका खत्म होने से निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, 2025 की पहली तिमाही में वैश्विक सोने की खपत 1% बढ़कर 1,206 टन हुई, जो 2016 के बाद सबसे अधिक है। ड्यूश बैंक जैसे संस्थानों ने कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी की संभावना जताई है।
भारत में सोने में निवेश का आसान तरीका
भारत में सोने में निवेश के लिए गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) एक सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प है। यह शेयर बाजार में खरीदे-बेचे जाते हैं और इनकी कीमत सोने के भाव के साथ बदलती है। इसमें निवेशकों को असली सोना अपने पास रखने की जरूरत नहीं होती, जिससे सुरक्षा और भंडारण की चिंता खत्म हो जाती है।