पिघलते ग्लेशियर में दिखी एक लाश, पास गया चरवाहा तो खुला 28 साल पुराना राज,
जिसे देख चौंक गए लोग
22 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: पाकिस्तान के कोहिस्तान के दुर्गम इलाके में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। जून 1997 में लापता हुए 33 वर्षीय नसीरुद्दीन का शव 28 साल बाद एक पिघलते ग्लेशियर से बरामद हुआ है। इस घटना ने न केवल एक पुराने रहस्य को सुलझाया, बल्कि जलवायु परिवर्तन के कारण पिघलते ग्लेशियर से निकलते राज़ों पर भी रोशनी डाली। दो बच्चों के पिता नसीरुद्दीन अपने भाई कथीरुद्दीन के साथ यात्रा पर निकले थे, लेकिन गोलियों की आवाज सुनकर वे एक बर्फीली गुफा में घुस गए और फिर कभी बाहर नहीं आए।
गुमशुदगी से लेकर खोज तक की कहानी
बता दें कि घटना के समय नसीरुद्दीन लेडी वैली के स्नो-कैप्ड पहाड़ों में थे। अचानक गोलियों की आवाज सुनकर वे अपने भाई से अलग होकर गुफा में चले गए। कथीरुद्दीन ने उनकी खोज के लिए कई प्रयास किए, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। परिवार एक दुश्मन परिवार के साथ विवाद में था, जिसके चलते नसीरुद्दीन ने छिपकर भागने की कोशिश की थी।
ग्लेशियर में मिला सुरक्षित शव
28 साल बाद स्थानीय चरवाहे उमर खान को ग्लेशियर में उनका शव मिला। खान के मुताबिक, शव पूरी तरह सुरक्षित था, कपड़े फटे नहीं थे और जेब में रखा आईडी कार्ड भी वैसा ही था जैसा लापता होने के समय था। यह नज़ारा उनके लिए भी अविश्वसनीय था। वहीं नसीरुद्दीन का शव मंगलवार को दफनाया गया। उनके बेटे नईम ने कहा कि पारिवारिक विवाद के कारण वे सालों से दिन के उजाले में अपने गृहनगर नहीं जा पाए थे। अपने पिता के शव के साथ लौटना उनके लिए बेहद भावुक और दर्दनाक पल था। हालांकी पुरानी दुश्मनी के कारण नसीरुद्दीन को गृहनगर में दफनाना मुश्किल हो गया। स्थिति को संभालने के लिए स्थानीय लोगों ने एक जिरगा आयोजित किया और नौ दिन का सीजफायर लागू किया।
जलवायु परिवर्तन का संकेत
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह घटना पिघलते ग्लेशियरों के कारण छुपे रहस्यों के सामने आने का उदाहरण है। जलवायु परिवर्तन ऐसे कई और राज़ उजागर कर सकता है जो दशकों से दबे पड़े हैं।