ट्रंप के टैरिफ से संकट गहरा, भारत का कारोबार पहुंचा पाकिस्तान,
करोड़ों के ऑर्डर हुए कैंसिल, बंद हुईं फैक्ट्रियां
21 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Trump Tariff On Garment Sector: अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ ने तमिलनाडु के कपड़ा उद्योग को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। खासकर तिरुपुर के कपड़ा निर्यातकों के सामने संकट गहरा गया है। अमेरिकी बाजार के लिए कई करोड़ रुपये के ऑर्डर या तो कैंसिल हो गए हैं या फिर अन्य देशों को शिफ्ट हो गए हैं। फैक्ट्रियों ने उत्पादन बंद कर दिया है और उद्योग लगभग ठहर सा गया है। इस फैसले से न केवल तमिलनाडु बल्कि पूरे भारत के कपड़ा निर्यातकों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
टैरिफ के कारण ऑर्डर होल्ड या कैंसिल
तिरुपुर के कपड़ा निर्यातकों का कहना है कि अमेरिका ने कपड़ा और परिधान पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है, जिसके बाद वहां के कई खरीदारों ने ऑर्डर होल्ड पर डाल दिए या फिर पूरी तरह कैंसिल कर दिए। इससे तमिलनाडु की फैक्ट्रियां सुस्त पड़ गई हैं। भारतीय कारोबारियों के कई ऑर्डर अब बांग्लादेश, पाकिस्तान, वियतनाम और कंबोडिया जैसे देशों को ट्रांसफर हो गए हैं। इन देशों पर टैरिफ 19 से 36 फीसदी के बीच है, जो भारत के मुकाबले कम होने के कारण अमेरिकी खरीदारों के लिए अधिक आकर्षक हैं।
पाकिस्तान को बढ़त भारत का कारोबार घटा
तिरुपुर के एक निर्यातक ने बताया कि जो भारतीय कपड़ा अमेरिका भेजा जाता था, उसका बड़ा हिस्सा अब पाकिस्तान को जा रहा है। अमेरिकी खरीदार टैरिफ की वजह से भारत के मुकाबले पाकिस्तान को ही तरजीह दे रहे हैं। कुछ निर्यातकों का कहना है कि 25 फीसदी टैरिफ सहन किया जा सकता था, लेकिन 50 फीसदी टैरिफ के कारण कीमतें इतनी बढ़ जाएंगी कि उत्पादक प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। टैरिफ के बाद कपड़ों की कीमतों में 64 फीसदी तक की बढ़ोतरी होगी, जो अन्य देशों की तुलना में करीब 35 फीसदी ज्यादा है।
अमेरिकी बाजार में अनिश्चितता और भारतीय कारोबारियों की योजना
अमेरिका की नई नीति के बाद निर्यातक फिलहाल देखो और इंतजार करो की स्थिति में हैं। अमेरिकी खरीदार भी अभी कोई बड़ा फैसला नहीं ले रहे हैं, वे भविष्य के हालात को देखकर रणनीति बनाएंगे। भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते से तिरुपुर के कारोबारियों को ब्रिटेन के बाजार में नई उम्मीदें जगी हैं, जिससे वे कुछ राहत की तलाश कर रहे हैं।
तिरुपुर: देश का कपड़ा हब
तिरुपुर पूरे भारत का प्रमुख कपड़ा हब है, जहां से सालाना करीब 45,000 करोड़ रुपये का कपड़ा निर्यात होता है। इसका लगभग 30 फीसदी हिस्सा यानी 12,000 करोड़ रुपये का निर्यात अमेरिका को होता है। तिरुपुर निर्यातक संघ (टीईए) के अध्यक्ष के.एम. सुब्रमण्यन ने बताया कि इस 12,000 करोड़ में से लगभग 6,000 करोड़ रुपये के कारोबार पर टैरिफ का प्रत्यक्ष असर पड़ेगा। इस कारण कई निर्माताओं ने अपना उत्पादन फिलहाल बंद कर दिया है और नए विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।