उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने से मचा कहर, मलबे से बनी झील से मंडराया नया खतरा,
क्या यहीं से होगा तबाही का आगाज़
26 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttarkashi Cloudburst News: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में सोमवार देर रात मौसम ने विकराल रूप धारण कर लिया। धराली इलाके में बादल फटने से खीर गंगा नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने तबाही मचा दी। चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। नदी के तेज बहाव के साथ भारी मात्रा में मलबा आ गया, जिससे इलाका पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके के लिए रवाना कर दी गईं, लेकिन हाईवे पर मलबा आने से कई टीमें बीच रास्ते में ही फंस गईं। हालांकि सेना ने तुरंत मोर्चा संभाला और रेस्क्यू शुरू कर दिया।
150 रेस्क्यू में लगे जवान
यह इलाका भारतीय सेना के हर्षिल कैंप से महज 4 किलोमीटर दूर है। घटना के करीब 10 मिनट बाद ही सेना की टीम मौके पर पहुंच गई थी और तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। करीब 150 जवान मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन समस्या ये है कि घटनास्थल पर करीब 20 मीटर ऊंचा मलबा जमा हो गया है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतें आ रही हैं।
भागीरथी में बनी मलबे की झील बन गई नई चिंता
बादल फटने की घटना तीन अलग-अलग जगहों पर हुई, लेकिन तीनों जगहों का मलबा आकर भागीरथी नदी में मिल गया। इससे हर्षिल से धराली तक लगभग 300 मीटर लंबी मलबे की झील बन गई है, जो अब एक नए खतरे का कारण बन गई है। लगातार हो रही बारिश से इस झील का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन को डर है कि अगर यह झील फट गई तो नीचे के इलाकों में भारी तबाही हो सकती है। इस झील को कंट्रोल करने के लिए बैठकें चल रही हैं। फिलहाल नदी किनारे बसे लोगों को घर खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
चारधाम यात्रियों की भी हो सकती है फंसे होने की आशंका
यह इलाका चारधाम यात्रा का प्रमुख पड़ाव है, इसलिए हादसे के वक्त यहां श्रद्धालु भी मौजूद थे। प्रशासन को आशंका है कि कुछ यात्री भी इस आपदा में फंसे हो सकते हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार तेजी से चलाया जा रहा है और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की पूरी कोशिश की जा रही है। हर्षिल आर्मी कैंप को भी नुकसान पहुंचा है, लेकिन प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है। स्थिति अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है, लेकिन प्रशासन और सेना की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।