रहस्यमयी भूतिया गांव, जहां पसरा है सन्नाटा, कदम रखते ही कांप उठते हैं लोग..
सदियों से वीरान, अब भी बाकी हैं कई राज
22 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Viral News: इंग्लैंड के यॉर्कशायर वोल्ड्स की हरी-भरी पहाड़ियों के बीच बसा व्हारम पर्सी आज पूरी तरह सुनसान है, लेकिन कभी यहां मध्यकालीन जीवन की चहल-पहल गूंजा करती थी। अब इसे “घोस्ट विलेज” यानी भूतिया गांव कहा जाता है। सदियों पहले उजड़ चुका यह गांव आज भी अपने खंडहरों और रहस्यमयी इतिहास के कारण दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करता है। यहां पहुंचने के लिए कार छोड़कर घास के मैदानों से होते हुए पैदल चलना पड़ता है, एक पुराने रेल ट्रैक को पार कर, चूना-पत्थर की पगडंडी चढ़ते हुए। सामने सबसे पहले दिखता है 12वीं सदी का पत्थरों से बना चर्च सेंट मार्टिन, जिसका ढांचा अब भी खड़ा है, मगर छत गायब है।
मिलीं 100 से ज्यादा रहस्यमयी हड्डियां
1960 के दशक में पुरातत्वविदों ने खुदाई की तो गांव के कब्रिस्तान से दूर एक गड्ढे में 100 से ज्यादा मानव हड्डियां मिलीं। पहले लगा ये बहुत पुराने समय की हैं, लेकिन रेडियोकार्बन परीक्षण में पता चला कि ये गांव के मध्यकालीन निवासियों की थीं। सवाल उठा कि इन्हें पवित्र जमीन से दूर क्यों दफनाया गया। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि इनकी मौत हिंसक तरीके से हुई, तो कुछ का कहना है कि यह किसी अंधविश्वासी रस्म का हिस्सा था, ताकि मृतकों की आत्माएं फिर से न लौट सकें।
गांव का सुनहरा दौर और उजड़ने की कहानी
व्हारम पर्सी का इतिहास 50 ईसा पूर्व से शुरू होता है। 9वीं-10वीं सदी में यह एक पूरा गांव बन गया था। 13वीं-14वीं सदी में यहां करीब 200 लोग रहते थे, खेती करते और चर्च में जुटते थे। लेकिन स्कॉटिश हमले, खराब फसल और ब्लैक डेथ महामारी ने जनसंख्या घटा दी। 15वीं सदी के अंत में ऊन का व्यापार बढ़ा तो मालिकों ने गेहूं की खेती छोड़कर भेड़ें पालनी शुरू कीं। करीब 1500 में बैरोन विलियम हिल्टन ने किसानों को बेदखल करना शुरू किया। कुछ ने विरोध किया और एक व्यक्ति की मौत भी हो गई। 1527 तक गांव पूरी तरह खाली हो गया।
आज भी है रहस्य और आकर्षण
1948 से यहां 40 साल तक खुदाई चली, जिससे यहां के लोगों की जिंदगी के कई पहलू सामने आए, लेकिन हड्डियों वाला गड्ढा आज भी रहस्य है। अब यह जगह इंग्लिश हेरिटेज के संरक्षण में है और यूरोप के सबसे प्रसिद्ध वीरान मध्यकालीन गांवों में गिनी जाती है। यहां तक पहुंचने में 25 मिनट की पैदल यात्रा होती है और कई लोग इसे देखने सिर्फ इसके अनसुलझे राज़ के लिए आते हैं।