मराठी के बाद अब इस भाषा को लेकर शुरू हो गया विवाद…
दिल्ली पुलिस के पत्र पर छिड़ी सियासी जंग…
27 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
देश में एक बार फिर भाषा को लेकर सियासी बवाल छिड़ गया है। इस बार निशाने पर है बंगाली भाषा और आरोप है राजधानी की दिल्ली पुलिस पर। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बंगाली भाषा को 'बांग्लादेशी भाषा' बताया गया है। उन्होंने इसे राष्ट्रविरोधी, असंवैधानिक और घोर निंदनीय करार दिया।
दिल्ली पुलिस के पत्र पर विवाद
दरअसल रविवार को ममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस के एक कथित पत्र को साझा करते हुए दक्षिण जिले के लोधी कॉलोनी पुलिस स्टेशन पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी आधिकारिक चिट्ठी में बांग्ला को "बांग्लादेशी भाषा" लिखा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ बंगाली भाषियों का नहीं, बल्कि भारत के संविधान, संस्कृति और विविधता का अपमान है।
‘रवींद्रनाथ टैगोर और स्वामी विवेकानंद की भाषा”
अपने ‘X’ पोस्ट में टीएमसी सुप्रीमो ने भावुक होते हुए कहा—"बंगाली हमारी मातृभाषा है। यह रवींद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद, बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की भाषा है। हमारा राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत इसी भाषा में हैं। करोड़ों भारतीय इस भाषा में बोलते हैं और लिखते हैं। संविधान की आठवीं अनुसूची में मान्यता प्राप्त यह भाषा किसी भी तरह विदेशी नहीं कही जा सकती।" उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि यह सिर्फ पुलिस की गलती नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है बंगाल और बंगालियों की पहचान मिटाने की।
महुआ मोइत्रा और अभिषेक बनर्जी भी हमलावर
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी दिल्ली पुलिस को अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा—"बांग्ला को बांग्लादेशी भाषा कहने की तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई? यह हमारी मातृभाषा है। इसे लेकर तुरंत माफी मांगो और सुधार करो।" वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने इसे महज एक "लिपिकीय त्रुटि" मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह एक राजनीतिक चाल है। उन्होंने इसे भाजपा की 'सांस्कृतिक साजिश' बताया। "ये सिर्फ एक शब्द की गलती नहीं है, ये हमारी अस्मिता को मिटाने की कोशिश है।"
संविधान का अपमान या राजनीतिक साजिश ?
टीएमसी का आरोप है कि यह संविधान के अनुच्छेद 343 और आठवीं अनुसूची का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि "बांग्लादेशी" नाम की कोई भाषा नहीं होती। बांग्ला एक समृद्ध, ऐतिहासिक और भारतीय भाषा है। उसे विदेशी बताना सिर्फ अपमान नहीं, हमारी संस्कृति और पहचान पर हमला है। टीएमसी नेताओं ने मांग की है कि जिस जांच अधिकारी—अमित दत्त—के हस्ताक्षर से पत्र जारी हुआ, उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए और दिल्ली पुलिस, बीजेपी तथा गृह मंत्रालय इसकी सार्वजनिक माफी मांगे।
'बंगाली को भारत में बाहरी बताना बंद करें'
ममता बनर्जी ने अंत में दो टूक कहा कि, "बंगाली भारतीय हैं, बांग्ला भारतीय भाषा है और हम अपनी पहचान को कुचलने नहीं देंगे। भारत की विविधता का सम्मान करें, उसे बांटने की कोशिश बंद करें।"