डिंपल के पोशाक विवाद पर अखिलेश यादव ने तोड़ी चुप्पी,
दो टूक में कहा- 'हमारी पोशाक ही हमारी पहचान'
1 months ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
समाजवादी पार्टी की सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव के मस्जिद दौरे को लेकर मचे सियासी बवाल के बीच अब अखिलेश यादव ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने साफ कहा है, “हम संसद भवन में जो पहन कर जाते हैं, वही ड्रेस हमारी हर जगह की पहचान है।” यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब कुछ मौलानाओं द्वारा डिंपल यादव के पहनावे को लेकर अभद्र टिप्पणियाँ की गईं और उनके मस्जिद में प्रवेश पर सवाल उठाए गए।
साड़ी में मस्जिद गई थीं डिंपल
दरअसल, संसद के हालिया सत्र के पहले दिन डिंपल यादव ने साड़ी पहन कर दिल्ली स्थित संसद भवन की मस्जिद में अपने पति और सपा सांसदों के साथ जाकर बैठक की थी। इस पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रमुख मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को निशाने पर लेते हुए कहा कि मस्जिद में राजनीतिक बैठक कराना निंदनीय है और इससे समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं।
मार्यादा उलंघन का आरोप
मौलाना रजवी ने आरोप लगाया कि डिंपल यादव ने मस्जिद की मर्यादा का उल्लंघन किया, न सिर ढका और न ही इस्लामिक परंपराओं के अनुसार कपड़े पहने। मौलाना ने यह भी कहा कि डिंपल यादव को पूरे मुस्लिम समाज से माफी मांगनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने दिया जवाब
इस विवाद के बाद अब अखिलेश यादव ने मोर्चा संभाला है और बयान जारी करते हुए साफ किया कि “हम जहाँ भी जाते हैं, वहीं पहनावे में जाते हैं, जो हम संसद में पहनते हैं। हमें यह समझना होगा कि लोकतंत्र में पहनावा आस्था या नीयत का पैमाना नहीं हो सकता।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश का यह बयान एक सेक्युलर स्टैंड को मजबूती से सामने रखता है और यह सियासी हमला नहीं, बल्कि धार्मिक कट्टरता के खिलाफ एक तर्कसंगत प्रतिक्रिया है।
विरोध के पीछे राजनीति ?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि डिंपल यादव के मस्जिद दौरे को बेवजह विवादित बनाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स ने मौलानाओं की टिप्पणियों को 'महिला विरोधी' और 'राजनीति से प्रेरित' करार दिया है।
अब तक विपक्ष खामोश
दिलचस्प यह है कि इस विवाद पर अब तक न कांग्रेस और न ही भाजपा की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है। हालांकि सोशल मीडिया पर समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस तेज है।
क्या कहता है डिंपल का पहनावा?
डिंपल यादव ने उस दिन एक पारंपरिक भारतीय साड़ी पहन रखी थी। साड़ी को भारतीय संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। बावजूद इसके, इसे 'इस्लामिक मर्यादा के खिलाफ' बताना कई लोगों को असहज कर गया है।