धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर कार्रवाई से आई उत्तराखंड में आपदा…
ST हसन के बयान से मचा सियासी महासंग्राम…
21 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने उत्तराखंड में आई अचानक बाढ़ को धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर कार्रवाई से जोड़कर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उत्तरकाशी में बादल फटने से पांच लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद हसन ने यह टिप्पणी की। उनके बयान को लेकर बीजेपी और विपक्षी दलों समेत कई नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे ‘नफरत फैलाने वाला’ बताया।
हसन का बयान
एसटी हसन ने कहा कि उत्तराखंड में केवल बादल फटने की घटनाएं ही नहीं हो रही हैं, बल्कि अन्य प्राकृतिक आपदाएं भी सामने आ रही हैं। इसका कारण उन्होंने पर्यावरणीय क्षति और वनों की अंधाधुंध कटाई बताया। उन्होंने कहा, “हम सब अपने सृजनहार में विश्वास करते हैं, चाहे हम हिंदू हों, मुस्लिम, सिख या ईसाई... जिन जगहों पर ईश्वर की पूजा होती है, चाहे वह मस्जिद हो, दरगाह हो या मंदिर, उन पर बुलडोजर नहीं चलना चाहिए। आप उन्हें खाली करवा सकते हैं, लेकिन ढांचा खड़ा रहने दें।” हसन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने बयान पर कायम हैं।
कांग्रेस और बीजेपी की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने हसन की टिप्पणी को “मानसिक रूप से विचलित लोगों” का बयान बताया। उन्होंने कहा, “ऐसे लोग अल्लाह से डरें। उन्हें ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए जो नफरत फैलाएं।” वहीं, उत्तर प्रदेश के मंत्री और बीजेपी नेता दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा कि उत्तराखंड जैसी त्रासदी का मज़ाक बनाना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, “इतनी बड़ी त्रासदी में भी राजनीतिक फायदा उठाने की साजिश करना बिल्कुल अनुचित है। समाजवादी पार्टी के नेताओं को संवेदनशील होना चाहिए।”
बीजेपी का आरोप
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने हसन पर “प्राकृतिक आपदा का साम्प्रदायिकरण” करने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “पूर्व सपा सांसद एसटी हसन ने प्राकृतिक त्रासदी को साम्प्रदायिक रंग दिया — हिंदुओं का अपमान किया और उत्तरकाशी के धराली गांव के पीड़ितों की तकलीफ को कम करके आंका। समाजवादी पार्टी के लिए मौत और आपदा भी हिंदू–मुस्लिम चश्मे से देखी जाती है।”