ग से गधा से ग से गरीब तक…
स्कूल मर्जर पर छिड़ी अखिलेश-योगी के बीच सियासी जंग…
24 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्म है और इस बार मुद्दा है प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित स्कूल मर्जर नीति। योगी सरकार के इस फैसले के खिलाफ समाजवादी पार्टी समेत तमाम विपक्षी दल सड़कों पर हैं। सपा ने तो 'पीडीए पाठशाला' नाम से एक अभियान भी शुरू कर दिया है, जिसके तहत सरकार की शिक्षा नीति पर खुला विरोध किया जा रहा है। वहीं, बीजेपी और सपा के बीच बयानबाज़ी भी तेज हो गई है।
गणेश बनाम गधा: प्रतीकों की जंग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला करते हुए कल्याण सिंह सरकार के समय की एक घटना का ज़िक्र किया, जब स्कूलों में 'ग' से गणेश पढ़ाए जाने का विरोध किया गया था। योगी ने कहा कि सपा चाहती थी कि बच्चों को 'ग' से 'गधा' पढ़ाया जाए। उन्होंने सपा पर भारतीय संस्कृति और देवताओं के अपमान का आरोप लगाया।
अखिलेश का पलटवार: हमारे लिए 'ग' फॉर गरीब
मुख्यमंत्री योगी के इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जिसने जैसा पढ़ा होगा वो वैसा ही बोलेगा। अखिलेश ने कहा कि हमारे लिए 'ग' फॉर गरीब है, क्योंकि हम गरीबों के बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि बीजेपी वालों के लिए 'ग' फॉर गधा हो सकता है।
शराब बनाम शिक्षा: अखिलेश का तीखा वार
अखिलेश यादव ने एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए योगी सरकार पर शराब नीति को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूछा कि नशा उत्तर प्रदेश भाजपा सरकार की प्राथमिकता क्यों बन गया है? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में शराब के ठेके तेजी से बढ़े हैं और नशे का चलन बढ़ा है। साथ ही एक चार्ट शेयर किया जिसमें उत्तर प्रदेश को कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क से अधिक शराब के ठेकों वाला राज्य बताया गया। इसी के साथ उन्होंने लिखा, "नवयोगी काल: शिक्षा के मंदिर बंद, शराब के ठेके चालू।"
शिक्षा में सुधार बनाम सियासी संदेह
मुख्यमंत्री योगी ने अपने भाषण में दावा किया कि भाजपा सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शी और ईमानदार व्यवस्था लागू की है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा में तकनीक, खेल, हॉस्टल और कौशल विकास जैसी सुविधाओं को जोड़ा है। योगी ने यह भी कहा कि बारहवीं के बाद मेडिकल और आईआईटी जैसे उच्च शिक्षा के खर्च का वहन सरकार करेगी। उन्होंने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में न शिक्षक भर्ती हुई और न ही शिक्षा की गुणवत्ता सुधारी गई। नकल माफिया और जातिवादी राजनीति ने शिक्षा को चौपट कर दिया था।