समोसे के रेट को लेकर सांसद रविकिशन ने जताई चिंता….
PM मोदी से कर दी ये बड़ी मांग…
1 months ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
संसद के शून्यकाल में बुधवार को एक ऐसा मुद्दा उठा, जो आम आदमी की जेब और पेट दोनों से जुड़ा है। बीजेपी सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन ने सरकार से मांग की कि देशभर के होटलों और ढाबों में खाने-पीने की चीजों के दाम, क्वालिटी और मात्रा को नियंत्रित करने के लिए एक सख्त कानून बनाया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाला भारत आज भी इस अहम क्षेत्र में किसी ठोस नियम और मानक से वंचित है। इस दौरान उन्होंने समोसे के रेट को लेकर भी चिंता जताई।
'समोसा' बना बहस की वजह
रवि किशन ने अपने संबोधन में एक बेहद सामान्य लेकिन मार्मिक उदाहरण देते हुए कहा कि एक ही समोसे की कीमत एक जगह 10 रुपये है तो किसी बड़े होटल में वही समोसा 100 रुपये तक का बिकता है। सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि क्वांटिटी यानी मात्रा में भी बड़ा फर्क है। कहीं समोसा बड़ा, कहीं छोटा; कहीं दाल 100 रुपये में, तो कहीं वही दाल 1000 रुपये में मिल रही है। आखिर इसका कोई मानक क्यों नहीं है?
"बिना रेगुलेशन के चल रहा है करोड़ों का बाजार"
रवि किशन ने कहा कि हमारे देश में लाखों ढाबे, होटल और रेस्टोरेंट हैं जहां रोज करोड़ों लोग खाना खाते हैं। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में चल रहे इस खाद्य बाजार के लिए आज भी कोई रेगुलेटरी मैकेनिज्म नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बाकी क्षेत्रों में सरकार ने मानक तय किए हैं, तो इस क्षेत्र को अब तक नियमबद्ध क्यों नहीं किया गया?
पीएम मोदी से विशेष आग्रह
बीजेपी सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे जैसे बाकी क्षेत्रों में सुधार और मानकीकरण लेकर आए, वैसे ही खाने-पीने की वस्तुओं की कीमत, क्वालिटी और मात्रा को तय करने के लिए भी एक नया कानून लाएं। रवि किशन का तर्क था कि इससे आम नागरिकों को फायदा होगा, उन्हें अपने पैसे के बदले तयशुदा क्वालिटी और मात्रा का खाना मिलेगा।