राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप…
भड़का चुनाव आयोग…लिखित साक्ष्य की मांग..
24 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर सीधे तौर पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। राहुल का दावा है कि चुनाव में 40 लाख वोट 'रहस्यमयी तरीके' से जोड़े गए, और इस प्रक्रिया में बीजेपी को फायदा पहुंचाया गया। वहीं राहुल के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने उनसे लिखित साक्ष मांगे हैं।
‘महाराष्ट्र का चुनाव चोरी हुआ है’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि महाराष्ट्र में सिर्फ 5 महीनों के भीतर लाखों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए। उन्होंने इसे चिंताजनक और संदिग्ध बताया। राहुल गांधी का कहना था कि, “लोकसभा चुनाव में हमारे गठबंधन को शानदार जीत मिली, लेकिन विधानसभा चुनाव में एकदम उल्टा नतीजा आया। ऐसा कैसे संभव है? शाम 5 बजे के बाद अचानक भारी मतदान हुआ, लेकिन हमारे कार्यकर्ताओं ने किसी भी बूथ पर ऐसे हालात नहीं देखे।” उनका आरोप था कि इस तरह का अंतर दर्शाता है कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है।
एक करोड़ नए मतदाता कैसे जुड़े? राहुल का सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग के पास जाकर कांग्रेस ने पूरे मामले पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि, “लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच एक करोड़ नए मतदाता जुड़ गए। हमने इस पर एक लेख भी लिखा, जिसमें बताया गया कि महाराष्ट्र का चुनाव कैसे चोरी हुआ।” उनका कहना था कि मतदाता सूची को सार्वजनिक करने की मांग करने पर चुनाव आयोग ने उसे साझा करने से इनकार कर दिया, जो और भी संदेह पैदा करता है।
CCTV फुटेज नष्ट करने पर जताई आपत्ति
राहुल गांधी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि, “चुनाव आयोग ने कहा कि उसने CCTV फुटेज नष्ट कर दी है, जो बेहद चौंकाने वाला है। यह लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है। मतदाता सूची और CCTV रिकॉर्डिंग दोनों ही पारदर्शिता के लिए जरूरी हैं।” उन्होंने कहा कि मतदाता सूची देश की संपत्ति होती है, लेकिन चुनाव आयोग ने उसे साझा नहीं किया, जो एक गंभीर सवाल खड़ा करता है।
चुनाव आयोग की तीखी प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के इन आरोपों पर चुनाव आयोग ने सख्त और तीखा जवाब दिया है। आयोग ने कहा कि अगर कांग्रेस के पास कोई ठोस सबूत हैं, तो उन्हें लिखित शिकायत के रूप में देनी चाहिए। चुनाव आयोग का कहना है कि, “या तो राहुल गांधी दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर कर आरोप लगाएं, या फिर भारत की जनता को गुमराह करना बंद करें। आयोग पर बेबुनियाद आरोप लगाना ठीक नहीं है।” आयोग के इस बयान से साफ है कि वह इन आरोपों को गंभीरता से नहीं ले रहा जब तक कि उन्हें औपचारिक शिकायत के रूप में सामने नहीं लाया जाता।