राहुल गांधी का PM मोदी पर बड़ा हमला…
कहा- अडानी पर जांच ने अमेरिका में कमजोर की PM की स्तिथि…
25 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत को "भारी टैरिफ बढ़ाने" की धमकी के बाद, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार अमेरिकी दबाव के आगे झुक रही है क्योंकि अडानी समूह के खिलाफ अमेरिका में चल रही जांच ने प्रधानमंत्री की स्थिति कमजोर कर दी है।
राहुल गांधी ने उठाए गंभीर सवाल
राहुल गांधी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि, “भारत, कृपया समझिए: प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति ट्रंप की बार-बार की धमकियों के बावजूद उनका विरोध इसलिए नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि अमेरिका में अडानी के खिलाफ जांच चल रही है। एक धमकी मोदी, अडानी और रूस के बीच तेल सौदों के वित्तीय रिश्तों को उजागर करने की है। मोदी के हाथ बंधे हैं।” हालांकि राहुल गांधी ने इस आरोप के समर्थन में कोई अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं की, लेकिन उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है जब अमेरिका और भारत के व्यापारिक रिश्तों में तनाव दिखाई दे रहा है।
ट्रंप ने दी थी टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने और व्यापार में “अच्छा साझेदार न होने” का हवाला देते हुए अगले 24 घंटों में भारत पर "बहुत अधिक टैरिफ" लगाने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ अपने व्यापार संतुलन की समीक्षा कर रहा है।
अडानी समूह पर अमेरिकी जांच का साया
बीते साल नवंबर में न्यूयॉर्क की एक अदालत में सार्वजनिक किए गए अभियोग के अनुसार, गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी समेत आठ लोगों पर आरोप है कि उन्होंने 2020 से 2024 के बीच भारत में सौर ऊर्जा की आपूर्ति के ठेके लेने के लिए सरकारी अधिकारियों को करीब 26.5 करोड़ डॉलर (लगभग ₹2,200 करोड़) की रिश्वत दी। इन सौदों से उन्हें 20 वर्षों में करीब 2 अरब डॉलर का मुनाफा होने की उम्मीद थी। हालांकि अडानी समूह ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि वे "हर देश में संचालन के दौरान उच्चतम शासन, पारदर्शिता और नियामक अनुपालन के मानकों के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
सरकार और अडानी समूह की चुप्पी
राहुल गांधी के आरोपों पर अब तक न तो केंद्र सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई है और न ही अडानी समूह ने कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। ऐसे में यह मामला और भी पेचीदा होता जा रहा है, खासकर जब अमेरिका-भारत संबंधों में तल्खी बढ़ रही है।