महाभारत के अर्जुन या मामा की राह पर तेज प्रताप !
महुआ सीट पर होगा भाई भाई का मुकाबला !
1 months ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
बिहार की राजनीति एक बार फिर गर्म है, और इस बार वजह हैं लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव। हाल ही में मुजफ्फरपुर के मझौलिया में एक कार्यक्रम के दौरान तेज प्रताप यादव ने ऐलान किया कि वह वैशाली के महुआ सीट से चुनाव लड़ेंगे। लेकिन इस एलान से ज्यादा चर्चा उनके उस बयान की हो रही है जिसमें उन्होंने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को फिर से "अर्जुन" कहकर संबोधित किया।
पूरी तरह से अलग नहीं हुए तेजप्रताप
तेज प्रताप का यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि हाल के दिनों में वह 'बागी तेवर' दिखाते रहे हैं। 'टीम तेज प्रताप यादव' नाम से नया संगठन बनाना, पार्टी (RJD) से निष्कासन, और महुआ से निर्दलीय लड़ने की घोषणा, ये सारी बातें उनके अलग रास्ता अपनाने की तरफ इशारा करती हैं। लेकिन, तेजस्वी को अर्जुन कहना ये भी दर्शाता है कि वह परिवार से पूरी तरह अलग नहीं हुए हैं।
मामा साधु और सुभाष से अलग हैं तेज प्रताप ?
इस पूरे घटनाक्रम को लालू प्रसाद यादव के साले साधु यादव और सुभाष यादव के पुराने बगावती इतिहास से जोड़कर देखा जा रहा है। दोनों मामा एक समय RJD में मजबूत थे, लेकिन बाद में उन्होंने परिवार से अलग राह पकड़ ली थी। साधु यादव ने कांग्रेस का दामन थामा, तेजस्वी की शादी पर विवादित बयान दिए, और तेज प्रताप ने तब उन्हें “कंस मामा” कहकर जवाब दिया था। सुभाष यादव भी अलग संगठन बनाकर लालू परिवार की आलोचना कर चुके हैं। लेकिन तेज प्रताप ने कभी अपने पिता लालू या भाई तेजस्वी के खिलाफ सीधे तीखे बयान नहीं दिए। यही फर्क उन्हें अपने मामा से अलग बनाता है।
राजनीति और परिवार को अलग रखते हैं तेज प्रताप
तेज प्रताप सोशल मीडिया पर खासे लोकप्रिय हैं और उनके फॉलोअर्स की संख्या लाखों में है। उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं भी हैं, लेकिन वे बार-बार इस बात को दोहराते आए हैं कि परिवार और राजनीति अलग चीजें हैं। उन्होंने कहा भी था कि वह तेजस्वी से नाराज़ नहीं हैं, सिर्फ अपने रास्ते पर चल रहे हैं।
RJD को होगा नुकसान ?
महुआ से तेज प्रताप का चुनाव लड़ना RJD के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर सकता है। यादव और मुस्लिम वोट बैंक पर असर पड़ सकता है, और अगर तेज प्रताप के समर्थकों ने उनका साथ दिया तो RJD को नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि, यह भी साफ है कि तेज प्रताप सीधे टकराव की राह पर नहीं हैं – वह दूरी बनाकर भी परिवार के प्रति सम्मान दिखा रहे हैं।