वोटरलिस्ट से कट गया तेजस्वी यादव का नाम..!
बड़े दावे के बाद विभाग ने दी सफाई…
29 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
बिहार की सियासत में एक बार फिर गरमी तेज़ हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और SIR (स्पेशल इलेक्टोरल रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार को पटना स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने वोटर लिस्ट में भारी धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि खुद उनका नाम सूची से गायब कर दिया गया है, जबकि चुनाव आयोग और जिला प्रशासन का दावा है कि उनका नाम मौजूद है। इस टकराव ने बिहार की राजनीतिक हवा को और अधिक तूफानी बना दिया है।
"लिस्ट से काट दिया गया, अब मैं चुनाव कैसे लड़ूंगा?"
तेजस्वी यादव ने साफ कहा कि उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है, जबकि उन्होंने SIR के दौरान गणना प्रपत्र भरा था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उनका नाम ही लिस्ट में नहीं है तो वे चुनाव कैसे लड़ेंगे? तेजस्वी का आरोप है कि आयोग ने वोटर लिस्ट में कटौती के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है। उन्होंने कहा कि यह महज़ एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि ये लोकतंत्र की बुनियादी संरचना पर हमला है।
"चुनाव आयोग कर रहा है गुजरात मॉडल की तर्ज पर राजनीति"
तेजस्वी ने अपने बयान में बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा, “अब दो गुजराती तय करेंगे कि बिहार का वोटर कौन है?” उन्होंने दावा किया कि 65 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं, जिनमें हर विधानसभा से 20 से 30 हज़ार नाम शामिल हैं। उन्होंने पूछा कि अस्थायी पलायन के आधार पर नाम काटा गया है, लेकिन क्या तीन करोड़ प्रवासियों का कोई फिजिकल वेरिफिकेशन किया गया था?
"EC ने पहले ही तय कर लिया है किस पार्टी की सरकार बनानी है"
तेजस्वी ने चुनाव आयोग की नीयत पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि आयोग ने पहले से ही तय कर लिया है कि किस पार्टी की सरकार बनानी है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष काम किया है, तो हर मतदाता का बूथ, पता, और ईपीआईसी नंबर सार्वजनिक करे ताकि तुलना की जा सके।
"मतदाताओं को नहीं मिली कोई सूचना
तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि जिन मतदाताओं के नाम काटे गए, उन्हें कोई नोटिस या सूचना नहीं दी गई। जबकि आयोग की गाइडलाइनों के मुताबिक, यह अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सिर्फ सात दिन आपत्ति दर्ज कराने की समय सीमा देना भी आयोग की "चालाकी" है।
प्रशासन का जवाब: "तेजस्वी का नाम लिस्ट में है"
पटना के जिला निर्वाचन पदाधिकारी और जिलाधिकारी त्यागराजन एमएस ने प्रेस नोट जारी कर स्पष्ट किया कि तेजस्वी प्रसाद यादव का नाम प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज है। पहले उनका नाम मतदान केंद्र संख्या 171 पर था, अब यह संख्या 204 हो चुकी है, लेकिन नाम सूची में बरकरार है। आयोग ने उनके दावों को "ग़लत जानकारी" बताया है।
"हम नहीं मानेंगे, जब तक पारदर्शिता बहाल न हो"
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग को सीधे ललकारते हुए कहा कि जब तक पारदर्शिता बहाल नहीं होती और प्रत्येक नाम कटौती का कारण सार्वजनिक नहीं किया जाता, तब तक महागठबंधन शांत नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि आयोग को चाहिए कि आपत्ति दर्ज कराने की अवधि बढ़ाए और सार्वजनिक रूप से हर नाम कटौती का विवरण दे।