अखिलेश के बैरेकेटिंग फांदने पर गदगद हुए चाचा शिवपाल…
बताया लोकतंत्र बचाने की कसम पर छलांग…
20 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 11 अगस्त 2025 को विपक्षी नेताओं के साथ भारत निर्वाचन आयोग की ओर मार्च कर रहे थे। रास्ते में पुलिस ने रोकने के लिए बैरिकेड लगाए, लेकिन अखिलेश यादव ने बिना रुके उन्हें फांद दिया। जिसके बाद उसे देख चाचा शिवपाल गदगद हो उठे और विडियो शेयर करते हुए पोस्ट लिख तारीफ की।
चाचा शिपाल ने शेयर किया विडियो
वही सपा प्रमुख क इस एक्शन पर प्रमुख के चाचा और जसवंतनगर से विधायक शिवपाल सिंह यादव ने खुशी जताई। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि, “संघर्ष की पहचान - रुकना नहीं, टकराना है ! जब हक़ की आवाज़ रोकने को बैरिकेड खड़े हों, तो समाजवादी पीछे नहीं हटते - बैरिकेड तोड़ते हैं, कूदते हैं, ललकारते हैं! आज अखिलेश यादव जी की छलांग सिर्फ़ लोहे पर नहीं थी, ये छलांग थी लोकतंत्र बचाने की कसम पर!”
आयोग पर गंभीर आरोप
संसद परिसर के भीतर अखिलेश यादव ने निर्वाचन आयोग पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं पर कार्रवाई करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अधिकारियों ने सत्तारूढ़ भाजपा के साथ मिलकर ‘‘वोट लूटने’’ की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मतदान के दौरान सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया और जाति के आधार पर अधिकारियों की तैनाती कराई, ताकि भाजपा की जीत सुनिश्चित हो।
उपचुनाव और 2022 चुनाव का मुद्दा
अखिलेश ने हाल ही में हुए एक उपचुनाव के दौरान भी कदाचार के आरोप दोहराए और कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के 18,000 वोट जानबूझकर हटा दिए गए थे। उन्होंने पूछा कि इस मामले में आयोग ने अब तक क्या कार्रवाई की है, जबकि उन्होंने हलफनामों के साथ शिकायत दर्ज कराई थी।
रामपुर घटना और उम्मीदें
सपा प्रमुख ने रामपुर से कथित तस्वीर का जिक्र भी किया, जिसमें एक पुलिस अधिकारी मतदाताओं पर रिवॉल्वर ताने हुए दिख रहा था। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी घटना उनकी सरकार में हुई होती, तो तत्काल कार्रवाई होती। साथ ही, कर्नाटक की कांग्रेस सरकार से भी अपेक्षा जताई कि वोट चोरी में शामिल हर अधिकारी पर कार्रवाई हो।
त्वरित कार्रवाई की मांग
अखिलेश यादव ने निर्वाचन आयोग को चेतावनी देते हुए कहा कि, “कछुए की गति से मत चलिए। अगर वोट देने का अधिकार छीन लिया गया, तो क्या लोकतंत्र बचेगा? अन्य मामलों की तरह इस पर भी त्वरित अदालतें होनी चाहिए।”
संसद परिसर में प्रदर्शन
वोट लूट के मुद्दे पर सपा सांसदों ने संसद परिसर में भी प्रदर्शन किया। डिंपल यादव ने कहा कि, “निर्वाचन आयोग जागे और लगातार हो रही वोट लूट को स्वीकार करे।”