NCERT की किताबों से क्यों गायब हुए मुगल..!
संसद में भड़का टीपू-सुलतान और हैदर अली पर विवाद..!
24 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
एनसीईआरटी की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की नई किताब में टीपू सुल्तान, हैदर अली और एंग्लो-मैसूर युद्धों को जगह न दिए जाने का मामला एक बार फिर से संसद में चर्चा का विषय बन गया है। इस मुद्दे को तृणमूल कांग्रेस की सांसद रीताब्रता बनर्जी ने राज्यसभा में उठाया। उनके सवाल का जवाब देते हुए केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि इन विषयों को इसलिए शामिल नहीं किया गया क्योंकि राज्यों को क्षेत्रीय इतिहास पढ़ाने की स्वायत्तता दी गई है।
शिक्षा मंत्री का जवाब: राज्यों को है पूरी छूट
शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने राज्यसभा में दिए गए अपने जवाब में कहा, “शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है। देश के अधिकांश स्कूल राज्य सरकारों के अधीन आते हैं और उन्हें यह अधिकार प्राप्त है कि वे चाहें तो एनसीईआरटी की किताबों को अपनाएं, उनमें संशोधन करें या अपने स्वयं के पाठ्यक्रम विकसित करें।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकारें अगर चाहें तो टीपू सुल्तान और क्षेत्रीय ऐतिहासिक हस्तियों पर अपनी किताबों में और अधिक जानकारी जोड़ सकती हैं।
एनईपी और एनसीएफ के मुताबिक बनी है नई किताब
जयंत चौधरी ने संसद में यह भी बताया कि कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब का पहला भाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 (NCF-SE 2023) के अनुसार तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों में योग्यता आधारित शिक्षा, सीखने की नई विधियों और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देना है।
क्या है नई किताबों की थीम ?
सरकार द्वारा जारी नई किताबों में चार मुख्य थीम शामिल की गई हैं:
- इंडिया एंड द वर्ल्ड: लैंड एंड द पीपुल
- टेपेस्ट्री ऑफ द पास्ट
- गवर्नेंस एंड डेमोक्रेसी
- इकॉनोमिक लाइफ अराउंड अस
इन थीम्स के माध्यम से किताब में कुछ विशिष्ट व्यक्तित्वों और घटनाओं को शामिल किया गया है, जो सिलेबस के अनुरूप हैं और जिन्हें चुनते समय शिक्षा के लक्ष्यों का ध्यान रखा गया है।
नई किताबें कैसी हैं ?
सरकार का कहना है कि ये नई किताबें बच्चों को खुद से सीखने के लिए प्रेरित करती हैं। छात्रों को फील्ड में जाकर सीखने, प्रमाणों के आधार पर समझने और आत्म-विश्लेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। यह भी बताया गया कि नई किताबों के जरिए सिलेबस को सरल बनाया गया है ताकि पढ़ाई और समझना दोनों आसान हो सके।