गलत बिलिंग, ट्रांसफार्मर में देरी और वसूली पर सख्ती…
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बिजली विभाग को दी आखिरी चेतावनी
1 months ago
Written By: Ashwani Tiwari
UP Power Minister A.K. Sharma: उत्तर प्रदेश के ऊर्जा और नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। लखनऊ के शक्ति भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, उपभोक्ता सेवाओं में सुधार, गलत बिलिंग की रोकथाम, ट्रांसफार्मर बदलने में हो रही देरी और बिजली चोरी के मामलों को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा कि उपभोक्ताओं की परेशानी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसमें लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गलत बिलिंग और रिश्वतखोरी पर मंत्री की सख्ती
बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री ने गलत बिजली बिलिंग को उपभोक्ताओं के विश्वास को तोड़ने वाला बताया। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर युग में 72 करोड़ रुपये जैसे गलत बिल भेजना न केवल शर्मनाक है, बल्कि भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि बिल सुधार के नाम पर रिश्वतखोरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी गलतियों की तुरंत पहचान की जाए और समय रहते समाधान किया जाए।
ट्रांसफार्मर बदलने में देरी पर नाराजगी
ए.के. शर्मा ने ट्रांसफार्मर जलने के बाद उसकी मरम्मत या बदली में होने वाली देरी पर खास नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कई दिनों तक रिपोर्ट न बनना और उपभोक्ताओं को अंधेरे में रखना गहरी लापरवाही है। उन्होंने ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया को तेज और विकेंद्रीकृत करने का आदेश दिया, ताकि स्टोर में सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित हो और उपभोक्ताओं को समय पर बिजली मिल सके।
बिजली चोरी पर ठोस कार्रवाई के निर्देश
मंत्री ने बिजली चोरी रोकने के नाम पर छोटे उपभोक्ताओं को परेशान करने पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विजिलेंस टीमें जहां संगठित बिजली चोरी हो रही है, वहां जाने से बच रही हैं और छोटे उपभोक्ताओं को डराकर वसूली कर रही हैं। मंत्री ने साफ किया कि अब पूरी रणनीति बदली जाएगी और बड़ी चोरी करने वालों पर ही फोकस किया जाएगा।
संविदा कर्मियों की बर्खास्तगी की होगी समीक्षा
बैठक में संविदा कर्मियों की नियुक्ति को लेकर भी मंत्री ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विभाग में कुशल कर्मचारियों को हटाकर उनकी जगह अकुशल लोगों को रखा जा रहा है, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए।