तीन बार 8वीं में फेल, फिर नकल से पास…
बृजभूषण ने छात्रों को सुनाई अपनी धमकी वाली किस्सा-कहानी
1 months ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गोंडा के बालपुर में एक प्रतिभा सम्मान समारोह में छात्रों को अपने जीवन के अनुभवों से प्रेरित किया। हजारों छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में उन्होंने अपने बचपन की कुछ सच्ची बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि कैसे वह कक्षा 8 में तीन बार फेल हुए और अंत में नकल करके पास हुए, लेकिन उस रात उन्हें आत्मग्लानि ने सोने नहीं दिया।
नकल की कहानी और आत्मग्लानि का अनुभव
बृजभूषण ने हंसी-मजाक के अंदाज में कहा कि मैं आठवीं में दो बार फेल हुआ, और फेल भी ऐसा कि नीचे से टॉप था। सिर्फ खेलकूद में पास हुआ करता था। तीसरी बार मैंने नकल से परीक्षा पास की, लेकिन उस रात मुझे नींद नहीं आई। मुझे खुद से शर्म आई। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी के पेपर में उन्हें कुछ समझ नहीं आया तो उन्होंने पास बैठे अपने सहपाठी को धमकाया और कहा कि तिवारी, पहले मेरा पेपर लिख दो, वरना बाहर हाथ-पैर तोड़ दूंगा।
छात्रों को दी मेहनत की सीख
अपने अनुभवों के जरिए उन्होंने छात्रों को समझाया कि मेहनत और आत्ममंथन ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि बच्चों, खुद से बात करो, अपनी कमजोरियों को पहचानो और उन्हें दूर करने में मेहनत करो। जीवन एक युद्ध है, जिसमें आपको अपनी ताकत और कमियों को पहचानना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने खुद से सवाल पूछे और ठाना कि आगे से मेहनत से ही आगे बढ़ेंगे।
बचपन की शरारतें और मजेदार यादें
अपने बचपन की बातों को याद करते हुए बृजभूषण ने बताया कि वह काफी शरारती थे और खेलकूद में आगे रहते थे। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि जब तक मैं दस-पांच को पीट नहीं देता था, तब तक नाश्ता नहीं करता था। उनकी इस बात पर पूरा समारोह ठहाकों से गूंज उठा।
समारोह में बंधी प्रेरणा की डोर
गोंडा के बालपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का प्रेरक और ईमानदार संबोधन न केवल छात्रों के लिए एक सीख बना, बल्कि अभिभावकों को भी गहरी सोचने पर मजबूर कर गया। उनके अनुभवों से यह संदेश साफ था कि गलत रास्ता भले ही तात्कालिक सफलता दे, लेकिन असली संतोष और सफलता मेहनत से ही मिलती है।