गोरखपुर में कांग्रेस नेताओं की मारपीट का वीडियो वायरल, हाईकमान ने जताई सख्ती,
जांच के दिए आदेश
1 months ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: गोरखपुर में 20 जुलाई को कांग्रेस पार्टी की पूर्वी जोन समीक्षा बैठक उस समय विवादों में घिर गई जब बैठक के दौरान ही पार्टी के दो गुट आपस में भिड़ गए। यह विवाद केवल कहासुनी तक ही नहीं रहा, बल्कि देखते ही देखते मारपीट में तब्दील हो गया, जिसकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इस घटना ने कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी को खुलकर उजागर कर दिया है और प्रदेश में पार्टी की छवि को भी नुकसान पहुंचाया है।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से पहले ही भड़का झगड़ा
कांग्रेस की यह बैठक गोरखपुर के सत्यम लॉन में आयोजित हुई थी, जिसमें राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडेय और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। लेकिन इनके आने से पहले ही पार्टी के दो गुटों में तनाव शुरू हो गया। धीरे-धीरे यह विवाद हाथापाई में बदल गया। वायरल हो रहे CCTV फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कुछ लोग एक युवक को पीटते हुए लॉन के मुख्य गेट तक खदेड़ते हैं और युवक के गिर जाने के बाद भी उसकी पिटाई जारी रहती है।
एफआईआर दर्ज नेताओं पर गंभीर आरोप
इस घटना के बाद उरुवा के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष सच्चिदानंद तिवारी ने रामगढ़ताल थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि वे अविनाश पांडेय को एक पत्रक सौंपने पहुंचे थे, तभी जिला अध्यक्ष राजेश तिवारी के इशारे पर उन पर हमला हुआ। इस मामले में कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष समेत 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि राजेश तिवारी ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि कुछ बाहरी तत्व माहौल खराब करने आए थे, जिन्हें बाहर किया गया। मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई।
दूसरे दिन फिर मारपीट का वीडियो हुआ वायरल
मारपीट की यह घटना यहीं नहीं थमी। अगले दिन 21 जुलाई को जिला कांग्रेस कार्यालय के बाहर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आलोक शुक्ला की भी सरेआम पिटाई हुई, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। दो दिनों में लगातार हुई इन घटनाओं ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह को उजागर कर दिया है, जिससे पार्टी नेतृत्व की फजीहत होती दिख रही है।
पार्टी नेतृत्व ने लिया सख्त रुख
घटनाओं के बाद राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडेय और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच के आदेश दिए हैं। पूर्व जिला अध्यक्ष निर्मला पासवान समेत अन्य नेताओं की भूमिका की समीक्षा की जा रही है। पार्टी ने CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद नेताओं से रिपोर्ट तलब की है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में जल्द ही अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।